ब्रिटेन ने रूसी तेल टैंकर पर छापा, भारतीय नागरिक गिरफ्तार
ब्रिटेन की कार्रवाई पर नजर
ब्रिटेन ने रूस के तेल उद्योग पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रूसी शैडो फ्लीट से जुड़े एक तेल टैंकर SMYRTOS पर छापा मारा है। इस कार्रवाई के दौरान 38 वर्षीय एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया गया है। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के अनुसार, उस पर रूस से संबंधित आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का संदेह है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विस्तृत जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।
छापे का विवरण
यह ऑपरेशन 14 जून को इंग्लिश चैनल में किया गया। इसमें रॉयल मरीन कमांडो, NCA के अधिकारी और ब्रिटिश सशस्त्र बल शामिल थे। अधिकारियों ने समुद्र में मौजूद टैंकर को अपने नियंत्रण में लिया और जहाज पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। वर्तमान में, टैंकर इंग्लैंड के डॉर्सेट तट के निकट लंगर डाले हुए है और सुरक्षा एजेंसियां इसकी गहन जांच कर रही हैं।
क्रू सदस्यों की स्थिति
NCA ने बताया कि जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य हैं, जिनमें भारतीय और जॉर्जियाई-भारतीय नागरिक शामिल हैं। सभी क्रू सदस्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। गिरफ्तार भारतीय नागरिक से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या जहाज का उपयोग प्रतिबंधित रूसी तेल के व्यापार में किया जा रहा था।
शैडो फ्लीट का महत्व
शैडो फ्लीट उन जहाजों का समूह है, जिसका उपयोग रूस अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए तेल का निर्यात करने के लिए करता है। इन जहाजों की पहचान अक्सर छिपाई जाती है और ये विभिन्न देशों के झंडों के तहत संचालित होते हैं। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस की शैडो फ्लीट में 700 से अधिक जहाज शामिल हैं, जो प्रतिबंधित रूसी तेल का लगभग 75 प्रतिशत परिवहन करती है।
ब्रिटिश अधिकारियों की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस कार्रवाई को रूस के लिए एक बड़ा झटका बताया है। रक्षा मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के लिए धन जुटाने में शैडो फ्लीट का उपयोग करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन रूस के अवैध तेल कारोबार पर लगातार नजर रखे हुए है और अब तक 500 से अधिक ऐसे जहाजों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।