ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी खराबी से फ्लाइट्स प्रभावित
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में समस्या
सोमवार को ब्रिटेन के नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) में तकनीकी खराबी के कारण कई एयरपोर्ट और उड़ानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इस घटना के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोल में एक नई समस्या उत्पन्न हुई, जिससे ब्रिटेन के विभिन्न एयरपोर्ट पर उड़ानों में बाधा आई।
इस तकनीकी समस्या के कारण लगभग 200 उड़ानें देरी का सामना कर रही थीं, जबकि ब्रिटिश एयरवेज की एक दर्जन और 50 EasyJet की उड़ानें रद्द कर दी गईं।
मैनचेस्टर, ग्लासगो और बेलफास्ट पर प्रभाव
मैनचेस्टर, ग्लासगो और बेलफास्ट एयरपोर्ट पर भी उड़ानों पर असर पड़ा। NATS ने बताया कि यह समस्या स्कॉटलैंड के प्रेस्टविक सेंटर में हुई तकनीकी खराबी से संबंधित थी।
NATS ने कहा कि तकनीकी समस्या को हल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'हम एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर ट्रैफिक नियमों को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से हटाने के लिए प्रयासरत हैं ताकि भविष्य में कोई और समस्या न आए।'
कौन से एयरपोर्ट प्रभावित हुए?
NATS ने एक बयान में कहा कि सोमवार सुबह स्कॉटलैंड के प्रेस्टविक सेंटर में तकनीकी समस्या की जानकारी मिली। सुरक्षा बनाए रखने के लिए, इंजीनियरों द्वारा जांच के दौरान ट्रैफिक मांग को प्रबंधित करने के लिए एयर ट्रैफिक रेगुलेशन लागू किए गए।
हालांकि, यह स्पष्ट किया गया कि यह समस्या उनके सिस्टम नेटवर्क के एक हिस्से में कनेक्टिविटी से संबंधित थी और इसका इस महीने की शुरुआत में हुई उड़ानों में देरी से कोई संबंध नहीं था।
ब्रिटेन के विभिन्न एयरपोर्ट पर सोमवार को विभिन्न स्तर की समस्याएं देखी गईं। ग्लासगो और एबरडीन एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी हुई, जिससे मैनचेस्टर और न्यूकैसल एयरपोर्ट पर भी कुछ देरी हुई। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिस्टल और लंदन सिटी एयरपोर्ट पर भी समस्याएं आईं, और बेलफास्ट सिटी ने भी देरी की चेतावनी दी।
ब्रिटेन के परिवहन मंत्री का बयान
ब्रिटेन के परिवहन मंत्री हेइडी एलेक्जेंडर ने कहा कि इंजीनियरों ने समस्या को हल कर दिया है और सिस्टम फिर से सामान्य रूप से काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि पिछले मुद्दे के बाद यात्रियों के लिए यह बहुत निराशाजनक होगा। चीजें रीसेट होने पर कुछ देरी हो सकती है। कृपया अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।'
गौरतलब है कि ब्रिटेन में पहले आई समस्या के कारण 2,000 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा था।