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ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के 10 साल: राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियाँ

ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के 10 साल पूरे होने पर, देश राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक दशक पहले किए गए मतदान के बाद, आज की स्थिति में बदलाव आया है। जानें कैसे ब्रेक्जिट ने ब्रिटेन की राजनीति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।
 

ब्रेक्जिट का ऐतिहासिक संदर्भ

आज से ठीक एक दशक पहले, लगभग 1.7 करोड़ ब्रिटिश नागरिकों ने यूरोपीय संघ (EU) से अलग होने के लिए मतदान किया था, जिसे 'ब्रेक्जिट' कहा जाता है। यह निर्णय 2020 में व्यापार और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के साथ औपचारिक रूप से लागू हुआ। उस समय, ब्रेक्जिट के समर्थकों ने दावा किया था कि इससे ब्रिटेन को अपनी संप्रभुता वापस मिलेगी, प्रवासन पर नियंत्रण होगा, और आर्थिक समृद्धि आएगी। लेकिन आज, ब्रिटेन राजनीतिक अस्थिरता, धीमी आर्थिक वृद्धि और बढ़ती महंगाई का सामना कर रहा है।


राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव

ब्रेक्ज़िट जनमत संग्रह से पहले, ब्रिटेन में राजनीतिक स्थिरता थी, लेकिन इसके बाद से स्थिति में काफी बदलाव आया है। कीर स्टार्मर, जो हाल ही में इस्तीफा दे चुके हैं, ने 2024 के चुनाव में जीत के बावजूद पार्टी के दबाव के कारण यह कदम उठाया। ब्रिटिश राजनीति में लोगों की नाराज़गी बढ़ती जा रही है, और अब पारंपरिक पार्टियों का समर्थन गिरता जा रहा है।


ब्रेक्जिट के प्रभाव: एक दशक बाद

ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के दस साल बाद, जनता का मूड बदल चुका है। पहले, लोग संप्रभुता, प्रवासियों पर नियंत्रण और आर्थिक समृद्धि के लिए वोट कर रहे थे, लेकिन अब स्थिति अलग है। ब्रिटिश जीडीपी में गिरावट का अनुमान है, और सरकार प्रवासियों को रोकने में असफल रही है। 57% नागरिक मानते हैं कि EU छोड़ने का निर्णय एक बड़ी गलती थी।


अर्थव्यवस्था और व्यापार पर प्रभाव

ब्रेक्जिट के बाद व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, खासकर छोटे व्यवसायों पर। एक स्वतंत्र पूर्वानुमान एजेंसी के अनुसार, व्यापार में 15% की गिरावट का अनुमान है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को 6% का नुकसान हुआ है। EU के साथ व्यापार में अब अधिक समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है।