भारत-इजराइल रक्षा सहयोग: पीएम मोदी का महत्वपूर्ण दौरा
भारत और इजराइल के बीच संभावित रक्षा समझौता
भारत और इजराइल के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा सौदे की संभावना जताई जा रही है। इस डील के तहत भारत को आयरन डोम तकनीक प्राप्त हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा इस डील के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है, जिसमें भारत में इस प्रणाली का निर्माण भी संभव है। पीएम मोदी 25 फरवरी को इजराइल पहुंचेंगे, जो कि लगभग आठ वर्षों में उनका पहला दौरा होगा। इसे केवल एक सामान्य कूटनीतिक यात्रा नहीं माना जा रहा है, बल्कि वैश्विक राजनीति में इसके बड़े संकेत माने जा रहे हैं। हालांकि, दौरे से पहले इजराइल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, जहां विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि कुछ शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तो वे पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार कर सकते हैं।
दौरे की वैश्विक महत्वता
इस दौरे पर न केवल भारत और इजराइल, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। पीएम मोदी ने जुलाई 2017 में इजराइल का पहला आधिकारिक दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई थी। अब, फरवरी 2026 में प्रस्तावित दौरे के दौरान, वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते हालात काफी बदल चुके हैं।
भारत का रक्षा बजट और हथियारों की खरीद
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू भारत का हालिया रक्षा बजट है, जिसमें सेना के लिए फंड में वृद्धि की गई है। भारत आधुनिक हथियारों की खरीद पर तेजी से काम कर रहा है और पहले से ही फ्रांस के साथ राफेल डील कर रहा है। इजराइल और अमेरिका भी भारत के साथ मिलकर हथियार निर्माण की योजनाओं पर काम कर रहे हैं। भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा बाजार बन चुका है, और यदि इजराइल अपने हथियार निर्माण संयंत्र भारत में स्थानांतरित करता है, तो यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव होगा।
वैश्विक राजनीति पर प्रभाव
दुनिया की बढ़ती अस्थिरता के संदर्भ में, कई विशेषज्ञ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी उल्लेख करते हैं। ट्रंप और नेतन्याहू के बीच के करीबी संबंधों के चलते, यदि भारत और इजराइल अपने संबंधों को और मजबूत करते हैं, तो इसका वैश्विक राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।