भारत इनोवेट्स 2026: पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों के लिए आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी का निवेशकों को निमंत्रण
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम में वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को भारत के साथ जुड़ने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि नई तकनीकों और वैश्विक समाधानों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भारत का वैश्विक नवाचार केंद्र बनना
भारत बन रहा है वैश्विक इनोवेशन हब
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने तकनीकी क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति की है। पहले, दुनिया भारत को तकनीक अपनाने वाले देश के रूप में देखती थी, लेकिन अब भारत नवाचारों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। इस सम्मेलन को वैश्विक नवाचार के नए युग की शुरुआत बताते हुए, उन्होंने सभी देशों को भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
निवेशकों और स्टार्टअप्स के लिए आमंत्रण
निवेशकों और स्टार्टअप्स को दिया आमंत्रण
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने निवेशकों और उद्यमियों से आग्रह किया कि वे भारत आएं, भारतीय कंपनियों और संस्थानों के साथ सहयोग करें और नए विचारों को विकसित करें। उन्होंने कहा कि भारत में डिजाइन, अनुसंधान और विकास के लिए अनंत संभावनाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत साझेदारी, संयुक्त शोध और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है, जिससे न केवल निवेश के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दुनिया के लिए नए समाधान भी तैयार होंगे।
भारत इनोवेट्स 2026 का उद्देश्य
भारत इनोवेट्स 2026 का उद्देश्य
भारत सरकार की यह पहल देश के डीप-टेक स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को वैश्विक मंच पर लाने के लिए शुरू की गई है। सम्मेलन में कई भारतीय स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान और शोध संगठन अपनी तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और जलवायु परिवर्तन से संबंधित तकनीकों पर है।
फ्रांस के राष्ट्रपति की सराहना
मैक्रों ने की भारत की सराहना
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस कार्यक्रम में भारत को 'इनोवेशन का देश' बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और फ्रांस की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस, भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल का सम्मान करता है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोगी बना हुआ है। यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।