×

भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई। इस बैठक में रक्षा, व्यापार, और निवेश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए सहमति जताई। बार्ट डी वेवर की यह यात्रा भारत-बेल्जियम संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और अधिक जानकारी।
 

प्रधानमंत्री मोदी और बेल्जियम के पीएम की महत्वपूर्ण बैठक

गुरुवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार किया और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अपने संकल्प को दोहराया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, निवेश, नवाचार, सेमीकंडक्टर, फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिज, लोगों के बीच संबंध और शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग पर विशेष ध्यान दिया।


समझौतों का आदान-प्रदान और व्यापार बढ़ाने के उपाय

बैठक के दौरान, पीएम मोदी और पीएम बार्ट डी वेवर ने रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, अपराध नियंत्रण और कूटनीतिक प्रशिक्षण से संबंधित समझौतों के आदान-प्रदान पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए उपायों पर सहमति जताई। इनमें एक व्यापार मंच, निवेश मंच और कांसुलर वार्ता की शुरुआत शामिल है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, पीएम के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा

नई दिल्ली में अपने कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद, बार्ट डी वेवर शुक्रवार को मुंबई जाएंगे, जहां वे हीरा, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। बार्ट डी वेवर गुरुवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जो पिछले साल फरवरी में पद ग्रहण करने के बाद से हो रही है। यह यात्रा पिछले दो दशकों में किसी बेल्जियम के पीएम की भारत यात्रा का एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो भारत-बेल्जियम संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।