भारत की UAE यात्रा से पाकिस्तान में खलबली, ईरान-अमेरिका सीजफायर पर नई स्थिति
भारत की अचानक यात्रा और पाकिस्तान की चिंता
सीजफायर के केवल 24 घंटे बाद, भारत ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पाकिस्तान को चिंतित कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने सीजफायर कराया है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है, जिससे हॉर्मोज स्टेट पर तनाव कम हुआ है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 11 से 12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा पर जा रहे हैं। पाकिस्तान की स्थिति अब चिंताजनक हो गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने दिल्ली में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद सीजफायर चाहता था। इससे पाकिस्तान और अमेरिका दोनों के होश उड़ गए हैं।
यूएई की आर्थिक स्थिति और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
यूएई ने 3.5 अरब डॉलर का पुराना कर वापस मांग लिया है, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ गया है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति यूएई की सहायता पर निर्भर रही है, लेकिन अब यूएई उसे जरूरतमंद बता रहा है। पाकिस्तानी नेता मुशाहिद हुसैन सैयद ने टीवी पर यूएई का मजाक उड़ाते हुए भारत के खिलाफ अखंड भारत का डर दिखाया। डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की है, और अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने मध्यस्थता की बात की है।
भारत की यात्रा का महत्व
ईरानी हमलों से यूएई को काफी नुकसान हुआ है, और अब सीजफायर के बाद भी यूएई को ठगा हुआ महसूस हो रहा है। ईरान और ओमान मिलकर टोल वसूलने की योजना बना रहे हैं, जिससे यूएई को भरपाई नहीं हो पा रही है। भारत, जो यूएई का सबसे विश्वसनीय साझेदार है, वहां 43 लाख भारतीय निवास करते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर से अधिक है। डॉ. जयशंकर की यात्रा केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक संदेश है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता का गारंटर है। पाकिस्तान के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि यूएई अब भारत के साथ करीबी संबंध बना रहा है।