भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के युद्ध संबंधी बयानों पर उठी आवाज़ें
भारत ने पाकिस्तान के युद्ध संबंधी बयानों पर दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा दिए गए युद्ध संबंधी बयानों पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकारों के उल्लंघनों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है। मंगलवार (23 जून 2026) को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के मनगढ़ंत आरोपों को पूरी तरह से खारिज करता है।
PoK में मानवाधिकारों का उल्लंघन
रणधीर जायसवाल ने बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूदा स्थिति वहां की पुरानी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आर्थिक शोषण, मूलभूत अधिकारों का हनन और प्रशासनिक दमन के माध्यम से लोगों की आवाज को दबा रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति बाधित की गई है। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, और निहत्थे नागरिकों पर बल प्रयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जानें गई हैं।
भारत की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए युद्ध की धमकी दे रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान को उसके कार्यों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराए। रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें उम्मीद है कि दुनिया पाकिस्तान की गलत नीतियों और दमनकारी रवैये पर सवाल उठाएगी।"
ख्वाजा आसिफ का युद्ध संबंधी बयान
भारत की यह प्रतिक्रिया ख्वाजा आसिफ के बयान के तीन दिन बाद आई है। एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था कि यदि सिंधु जल संधि को लेकर भारत की किसी कार्रवाई से पाकिस्तान की जल सुरक्षा प्रभावित होती है, तो उनका देश सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
ख्वाजा आसिफ ने कहा था, "जिस पल हमें लगेगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है, हम भारत के खिलाफ युद्ध शुरू करेंगे। निश्चित रूप से करेंगे।" भारत ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान PoK में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए बाहरी मुद्दों को उठा रहा है।