भारत की कूटनीतिक पहल: ईरान और ओमान के साथ तनाव पर चर्चा
भारत की सक्रिय कूटनीति
नई दिल्ली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, भारत ने कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन वार्ताएं कीं। इन वार्ताओं में खाड़ी क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई। जयशंकर ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से दोपहर में और ओमान के विदेश मंत्री से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर बात की। भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान के साथ महत्वपूर्ण संवाद
डॉ. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के साथ लंबी बातचीत की। इस दौरान दोनों ने मध्य पूर्व में जारी तनाव पर अपने विचार साझा किए। भारत ने स्थिति को शांत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ईरान के साथ भारत के मजबूत संबंधों को देखते हुए, यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने सुप्रीम लीडर की मृत्यु पर शोक भी व्यक्त किया।
ओमान के साथ खाड़ी क्षेत्र पर चर्चा
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अलबुसैदी के साथ बातचीत में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर गहन चर्चा हुई। ओमान को मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। जयशंकर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर विचार किया।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता
भारत लगातार मध्य पूर्व के देशों के साथ संपर्क में है। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी में तनाव अपने चरम पर है। भारत का उद्देश्य संघर्ष को और बढ़ने से रोकना और सभी पक्षों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। जयशंकर की ये बातचीत भारत की संतुलित विदेश नीति को दर्शाती है।
क्षेत्रीय शांति के लिए प्रयास
वर्तमान स्थिति में, भारत ने दोनों देशों से खुली बातचीत की अपील की है। खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है। भारत इन वार्ताओं के माध्यम से तनाव कम करने में योगदान देना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कूटनीति आगे भी जारी रहेगी।
संघर्ष का वैश्विक प्रभाव
मध्य पूर्व का यह संघर्ष तेल की कीमतों और व्यापार पर प्रभाव डाल रहा है। भारत जैसे देशों को ऊर्जा आपूर्ति की चिंता है। जयशंकर की बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि भारत स्थिति पर नजर रखे हुए है और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहा है।