भारत की मदद से खत्म हो सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध: एस. जयशंकर का बयान
भारत की मध्यस्थता की पेशकश
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत की सहायता की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि यदि भारत की भागीदारी से इस युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलती है, तो नई दिल्ली हर संभव सहायता के लिए तैयार है। यह बयान उन्होंने कीव में यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बातचीत के बाद दिया।
युद्ध का समाधान नहीं: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि भारत का मानना है कि यह युद्ध का समय नहीं है और युद्ध के मैदान से स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि बिश्केक में पीएम ने कहा था कि अंतहीन युद्ध के बजाय युद्ध का अंत होना चाहिए।
संघर्ष के परिणामों पर चर्चा
Pleased to call on President @ZelenskyyUa today #Ukraine
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 3, 2026
Apprised him of discussions with FM @andrii_sybiha on deepening our bilateral cooperation.
Our conversation centered on approaches to end the ongoing conflict.
🇮🇳🇺🇦 pic.twitter.com/K2dRUWsMBL
उन्होंने कहा, "हर गुजरते दिन के साथ संघर्ष में और अधिक मौतें और तबाही होती हैं। इसमें शामिल पक्षों को ही इसका समाधान खोजना होगा। लेकिन यदि भारत किसी भी प्रकार से मदद कर सकता है, तो हम तैयार हैं। मेरी बातचीत का मुख्य विषय यही था।"
कमर्शियल शिपिंग पर हमलों की चर्चा
विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत में युद्ध के विशेष परिणामों पर भी चर्चा हुई, जिसमें कमर्शियल शिपिंग पर हमले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविक कई देशों के झंडे वाले जहाजों पर कार्यरत हैं और ऐसे हमलों से वे भी प्रभावित हुए हैं।
शिपिंग में रुकावट का ग्लोबल साउथ के देशों पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में ईंधन, उर्वरक और खाद्य सामग्री की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है।
भारत की मानवीय सहायता
जयशंकर ने कहा कि भारत ने युद्ध की शुरुआत से अब तक यूक्रेन को 19 खेपों में मानवीय सहायता भेजी है, जिसमें लगभग 160 टन सामग्री शामिल है, जैसे जेनरेटर सेट, दवाएं और चिकित्सा उपकरण। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेनी विदेश मंत्री के साथ चर्चा करेंगे कि इस क्षेत्र में और क्या किया जा सकता है।
भारत-यूक्रेन व्यापार संबंध
जयशंकर ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच फार्मा, खाद्य और कृषि, उर्वरक, मशीनरी, रसायन और उपभोक्ता वस्तुओं में व्यापारिक संबंध हैं। हालांकि, युद्ध और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण पिछले चार वर्षों में व्यापार में बाधा आई है।
फिर भी, संबंधों में मजबूती आई है और नई संभावनाएं उभरी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं और उन्होंने उनकी देखभाल के लिए यूक्रेनी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
AI और स्टार्टअप में सहयोग की संभावनाएं
जयशंकर ने कहा कि भारत उभरते क्षेत्रों में यूक्रेन के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। यूक्रेन में महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं और भारत डिजिटल तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप में तेजी से प्रगति कर रहा है। दोनों देश इन क्षेत्रों में मिलकर कार्य कर सकते हैं।