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भारत की समुद्री सुरक्षा पर खतरा: अदन की खाड़ी में दो जहाज हाईजैक

ईरान युद्ध के चलते अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएँ बढ़ गई हैं। हाल ही में, दो जहाजों को हथियारबंद लुटेरों ने हाईजैक कर लिया, जिनमें 22 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। जानें इन घटनाओं का पूरा विवरण और भारत की समुद्री सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं के बारे में।
 

समुद्री लुटेरों का हमला


नई दिल्ली: ईरान के युद्ध के चलते अदन की खाड़ी और सोमालिया के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएँ बढ़ गई हैं। हाल ही में, विभिन्न घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर कब्जा कर लिया, जिनमें कुल 22 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं। शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पहली घटना 20 अगस्त को हुई, जब इरिट्रिया के झंडे वाला तेल टैंकर एमटी सिबू-1 को यमन के तट से लगभग 30 नॉटिकल मील दूर हाईजैक किया गया।


पहली घटना का विवरण

इस जहाज पर 20 क्रू सदस्य थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल हैं। अन्य सदस्यों में सीरिया, सूडान और इराक के नागरिक शामिल हैं, जबकि एक सदस्य की नागरिकता अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारी ने बताया कि छह हथियारबंद लुटेरे जहाज पर मौजूद हैं और उन्होंने इसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, घटना से पहले एक अनधिकृत जहाज एमटी सिबू-1 के करीब पहुंचा था। संबंधित RPSL एजेंसी को घटना की जानकारी e-Navik सिस्टम पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.


दूसरे जहाज पर भी भारतीय नागरिक

दूसरी घटना 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई, जहां कैमरून के झंडे वाला कार्गो जहाज M/V LUTUF को हथियारबंद लोगों ने हाईजैक कर लिया। इस जहाज पर 10 सदस्यीय क्रू था, जिसमें छह भारतीय नागरिक शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग आठ हथियारबंद लोग दो छोटी नावों से जहाज तक पहुंचे। उनके पास AK-47 जैसे हथियार थे। शुरुआत में क्रू सदस्य जहाज के सुरक्षित कमरे यानी सिटाडेल में चले गए थे, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए और बाद में सभी को ब्रिज पर ले आए। फिलहाल जहाज उनके कब्जे में है और किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है.


समुद्री सुरक्षा पर चिंता

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, जहाज को सोमालिया के नुगाल तट की ओर ले जाया गया। इसके क्रू में छह भारतीयों के अलावा तुर्की और जॉर्जिया के नागरिक तथा दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। जहाज तुर्की के हथियार, संचार और सैटेलाइट उपकरण लेकर मोगादिशू स्थित तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र की ओर जा रहा था.


फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया पर ईरान युद्ध के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। इस क्षेत्र में समुद्री डकैती की घटनाओं में वृद्धि से रेड सी, अदन की खाड़ी और हिंद महासागर में व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। यमन से जुड़े हमलों के अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव ने भी समुद्री यातायात पर दबाव डाला है। भारत के लिए यह चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश दुनिया में फिलीपींस के बाद नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है.