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भारत को ऊर्जा संकट से बचाने के लिए रूस का समर्थन: क्या है स्थिति?

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, भारत को ऊर्जा संकट से बचाने के लिए रूस ने मदद का आश्वासन दिया है। भारत के पास 50 दिनों का कच्चा तेल भंडार है, और सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों की खोज जारी रखी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिससे ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखी जा सके। जानें इस संकट के बीच भारत की स्थिति और सरकार की तैयारियों के बारे में।
 

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर रूस का प्रस्ताव


नई दिल्ली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची है। भारत, जो कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, इस स्थिति को लेकर सतर्क है। रूस ने भारत को ऊर्जा आपूर्ति में सहायता का आश्वासन दिया है। सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं और वैकल्पिक स्रोतों की खोज भी जारी है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद तत्काल संकट की आशंका कम है।


रूस की ओर से अतिरिक्त ऊर्जा सप्लाई का आश्वासन

रूसी सूत्रों के अनुसार, मॉस्को ने भारत को खाड़ी संकट के बढ़ने पर अतिरिक्त ऊर्जा सप्लाई करने की पेशकश की है। भारत ने पहले रूसी तेल की खरीद को कम करने का निर्णय लिया था, लेकिन अमेरिका के साथ समझौते की स्थिति अनिश्चित होने के कारण यह विकल्प फिर से मजबूत हुआ है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश अल्पकालिक व्यवधानों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


भारत के पास 50 दिनों का कच्चा तेल भंडार

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास कुल 50 दिनों का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार है, जिसमें 25 दिन का कच्चा तेल और 25 दिन के परिष्कृत उत्पाद शामिल हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत का आधा कच्चा तेल और एलपीजी आयात होता है। अमेरिका-इजरायल हमलों और ईरान की चेतावनियों के चलते जहाजों की बीमा कंपनियां कवर वापस ले रही हैं, जिससे परिवहन प्रभावित हो रहा है।


एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ाने की योजना

अधिकारियों ने वैकल्पिक देशों से कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी के आयात को बढ़ाने की योजना बनाई है। कई आपूर्तियां अब होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो संकट शुरू होने के बाद लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर असर पड़ सकता है।


24x7 कंट्रोल रूम की स्थापना

पेट्रोलियम मंत्रालय ने 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो देशभर में ईंधन की उपलब्धता पर नजर रख रहा है। वर्तमान भंडार को "उचित रूप से आरामदायक" बताया गया है। नागर विमानन मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से एविएशन फ्यूल के स्टॉक और सात दिनों की जरूरतों का ब्योरा मांगा है। यह कदम सतर्कता के तौर पर उठाया गया है।


भारत की स्थिति अभी मजबूत

होर्मुज से वैश्विक समुद्री कच्चे तेल का एक-तिहाई और एलएनजी का 20 प्रतिशत गुजरता है। लंबे व्यवधान से व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल भारत की स्थिति मजबूत है, लेकिन सरकार हर स्थिति के लिए बैकअप योजना तैयार रख रही है। रूस का समर्थन और विविध स्रोतों की खोज से ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिल रही है।