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भारत-चीन सीमा वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति, जल मुद्दों पर चर्चा

भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर डब्ल्यूएमसीसी की 35वीं बैठक में जल मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने सीमा पार नदियों पर अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का चीन दौरा और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान पर भारत की प्रतिक्रिया भी चर्चा का हिस्सा रही। जानें इस वार्ता के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

भारत-चीन सीमा मामलों पर बैठक

भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 35वीं बैठक में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों देशों ने परिसीमन, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पार नदियों पर अगली विशेषज्ञ स्तरीय बैठक जल्द आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। हम सीमा पार नदियों पर हुए सभी समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं, और दोनों पक्ष अगली वार्ता के लिए ठोस तैयारी करने पर सहमत हुए, जो चीन में आयोजित की जाएगी।


महिला एवं बाल विकास परिषद की बैठक

चीन के बीजिंग में महिला एवं बाल विकास परिषद (डब्ल्यूएमसीसी) की एक बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक का नेतृत्व हमारे संयुक्त सचिव ने किया। चर्चाएँ रचनात्मक रहीं और यह एक सकारात्मक कदम का प्रतीक हैं। जैसे-जैसे घटनाक्रम आगे बढ़ेंगे, हम आपको अपडेट करते रहेंगे। कश्मीर मुद्दे पर, हमने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया है। चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान पर, रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने इस पर अपना जवाबी बयान जारी किया है। यह एक अलग मुद्दा है। जहां तक WMCC का सवाल है, वह पूरी तरह से अलग मामला है।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का चीन दौरा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 23 से 26 मई तक चीन के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान, चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया गया। चीन ने कहा कि यह विवाद पुराना है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में की गई अनावश्यक टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज किया है।