भारत ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम
नई दिल्ली में सुरक्षा उपायों की घोषणा
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान तथा अमेरिका के बीच बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत ने अपने नाविकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें शिपिंग कंपनियों, जहाज मालिकों और प्रबंधन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले आदेश तक होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती न करें।
डीजी शिपिंग का सर्कुलर
डीजी शिपिंग द्वारा जारी सर्कुलर संख्या 36/2026 में कहा गया है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है। इस कारण भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। निर्देशों के अनुसार, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय क्रू को नहीं भेजा जाएगा।
महानिदेशालय ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलमार्ग और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में संचालन करने वाली सभी कंपनियों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र में जारी सभी नौवहन चेतावनियों और सुरक्षा संबंधी सूचनाओं की लगातार निगरानी की जाए।
ISPS कोड का पालन
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं पोर्ट सुविधा सुरक्षा संहिता (ISPS Code) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) और डीजी कम्युनिकेशन सेंटर (MMDAC) के माध्यम से रिपोर्टिंग और समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
खाड़ी क्षेत्रों पर नजर
डीजी शिपिंग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह खाड़ी क्षेत्र में बदलते हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और स्थिति के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी दोहराया गया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी गतिविधियों को प्रभावित करने की आशंका बढ़ा दी है। ऐसे में भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों के लिए यह कदम एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय माना जा रहा है।