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भारत ने कोलंबिया को भेजी राहत सामग्री, भूकंप से प्रभावितों की मदद

भारत ने कोलंबिया में हाल ही में आए भूकंप के बाद 20 टन राहत सामग्री की पहली खेप भेजी है। इस सहायता में चिकित्सा उपकरण, दवाएं और अन्य आवश्यक चीजें शामिल हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोलंबिया के साथ एकजुटता व्यक्त की है, जबकि कोलंबिया के राष्ट्रपति ने आर्थिक आपातकाल की घोषणा की है। जानें इस संकट के समय में भारत की भूमिका और कोलंबिया की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में।
 

कोलंबिया में भूकंप के बाद राहत कार्य

भारत ने कोलंबिया को 20 टन राहत सामग्री की पहली खेप भेजी है। हाल ही में आए भूकंप के कारण 265 लोगों की जान गई और 3,494 लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद वहां राहत और पुनर्वास का कार्य जारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक पोस्ट में बताया कि इस मानवीय सहायता पैकेज में आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाएं, अस्थायी आश्रय के लिए सामग्री, हाइजीन किट और अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं, जिनकी आपदा के बाद तुरंत आवश्यकता होती है।


भारत की सहायता और कोलंबिया के साथ एकजुटता

जयशंकर ने कोलंबिया के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत भूकंप के बाद रिकवरी प्रयासों में मदद के लिए 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेज रहा है। इस सहायता में दवाएं, चिकित्सा उपकरण, अस्थायी आश्रय और हाइजीन से जुड़ी सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा, "भारत इस कठिन समय में कोलंबिया के लोगों के साथ खड़ा है।" यह त्वरित सहायता भारत की वैश्विक संकट में मदद करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और नई दिल्ली तथा बोगोटा के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों को भी उजागर करती है।


कोलंबिया में आर्थिक आपातकाल

कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने भूकंप राहत और पुनर्निर्माण के लिए विशेष उपायों के तहत "आर्थिक आपातकाल" लागू किया। मीडिया से बातचीत में, उन्होंने इसे "बहुत बड़े पैमाने" की त्रासदी बताया और कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों और व्यवसायों की मदद के लिए उपाय कर रही है।


सरकार की सहायता योजनाएं

डी ला एस्प्रिएला ने कहा कि सरकार कमजोर परिवारों और छोटे व्यापारियों को सहायता प्रदान करेगी, जिसमें सार्वजनिक सेवाओं के भुगतान, किराए के लिए सब्सिडी, टैक्स में छूट और आर्थिक सहायता शामिल है।