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भारत ने मिडिल ईस्ट में समुद्री सुरक्षा के लिए नई एडवाइजरी जारी की

भारत ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते समुद्री खतरों के चलते 18,000 भारतीय नाविकों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में जहाजों और उनके क्रू को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर ईरानी जलक्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में। हाल के हमलों के बाद, भारत ने सुरक्षा उपायों को सख्त किया है और नाविकों को संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए भी कहा गया है। जानें इस एडवाइजरी के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते समुद्री खतरों के बीच भारत की नई एडवाइजरी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमलों के कारण सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में कार्यरत लगभग 18,000 भारतीय नाविकों के लिए एक नई समुद्री सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग (DGS) ने अपनी एडवाइजरी में ईरानी जलक्षेत्र, होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में काम कर रहे जहाजों और उनके क्रू को बढ़ते खतरों के मद्देनजर अधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया है। यह एडवाइजरी हाल ही में ओमान के तट पर हुए एक जानलेवा हमले के बाद जारी की गई है, जिसमें तीन नाविकों की जान चली गई थी। 


नाविकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश

टैंकर पर हमले के बाद नाविकों के लापता होने की सूचना मिली थी। अमेरिका का कहना है कि इस टैंकर में ईरान का तेल था और उसने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के झंडे वाले 13 जहाजों पर 622 भारतीय नाविक अभी होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत हैं। खाड़ी क्षेत्र में अन्य देशों के झंडे वाले सैकड़ों कमर्शियल जहाजों पर लगभग 18,000 भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं, जिससे भारत भी बिगड़ती समुद्री सुरक्षा स्थिति से प्रभावित हो रहा है। नई एडवाइजरी के तहत, जहाजों के मालिकों, कैप्टन और चालक दल को सुरक्षा ड्रिल करने, 'शिप सिक्योरिटी अलर्ट सिस्टम' (SSAS) की जांच करने, कड़ी निगरानी रखने और नेविगेशन से जुड़ी चेतावनियों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। 


उभरते खतरों के प्रति सतर्कता

एडवाइजरी में ड्रोन, मिसाइल, लॉइटरिंग म्यूनिशन और बिना चालक वाले समुद्री जहाजों जैसे उभरते खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। DGS ने जहाजों और उनके क्रू को निर्देश दिया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि, सुरक्षा खतरे या समुद्री घटना की तुरंत संबंधित भारतीय अधिकारियों को सूचना दें, जिनमें DGComm सेंटर और इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) शामिल हैं। भारत दुनिया में समुद्री कामकाज से जुड़े लोगों की संख्या में दूसरे स्थान पर है; लगभग 3.2 लाख भारतीय सीफेयरर्स दुनिया भर में जहाजों पर कार्यरत हैं, जिससे मर्चेंट शिपिंग की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चिंता बन जाती है। इस बीच, हालिया हमलों के बाद नई दिल्ली ने एक सख्त कूटनीतिक रुख अपनाया है।