भारत पर ईरान-अमेरिका संघर्ष का प्रभाव: जीएफएस गैलेक्सी पर भारतीय चालक दल की सुरक्षा पर चिंता
भारत की चिंताएँ बढ़ी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है, विशेष रूप से भारत में। इस संघर्ष का प्रत्यक्ष प्रभाव भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में, साइप्रस के झंडे वाले व्यापारिक जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर ईरान के हमले का शिकार हुए, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य भी शामिल थे। भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद 10 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अब भी लापता है।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और संबंधित देशों के साथ बातचीत कर रही है। भारतीय मिशन लापता नागरिक की खोज और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव समुद्री सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जीएफएस गैलेक्सी जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तब ईरान ने उस पर हमला किया। इस हमले के कारण जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान हुआ है। राहत कार्य तुरंत शुरू किया गया, जिससे कई चालक दल के सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन एक भारतीय क्रू मेंबर का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की बड़ी मात्रा का परिवहन होता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर सकता है।
ओमान में बमबारी की स्थिति
इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर तीसरे चरण की सैन्य कार्रवाई की है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी है। ईरान ने ओमान, कतर और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने ओमान के दुकम बंदरगाह पर अमेरिकी विमानवाहक जहाजों की सहायता करने वाले प्लेटफार्मों पर हमला किया है, जिसे ईरान ने अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में अपनी कार्रवाई बताया है।