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भारत-पाकिस्तान सिंधु जल विवाद: चीन की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने का निर्णय लिया है, जिसके बाद पाकिस्तान ने चीन का सहारा लेने की कोशिश की है। यह विवाद केवल द्विपक्षीय नहीं है, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय पहलू भी शामिल है। जानें इस मुद्दे पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया, सिंधु जल संधि का महत्व और महाशक्तियों की भूमिका।
 

भारत का सख्त रुख और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने का निर्णय लिया है, जिसके बाद पाकिस्तान ने चीन का सहारा लेने की कोशिश की है। सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा रुख स्पष्ट है, और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इस पानी का प्रवाह रोक दिया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हिमालय से निकलने वाली नदियां साझा प्राकृतिक धरोहर हैं, जिसमें चीन भी एक महत्वपूर्ण भागीदार है। पाकिस्तान ने दशकों तक सिंधु नदी से पानी का उपयोग किया है, लेकिन अब उसे यह याद दिलाया जा रहा है कि इस समझौते की चाबी भारत के हाथ में है।


अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव बनाने की कोशिश

पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उसने इस विवाद में चीन का नाम जोड़कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि यह केवल भारत और पाकिस्तान का मामला नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र का मुद्दा है। ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हिमालय से निकलने वाली नदियां कई देशों को पानी प्रदान करती हैं और चीन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।


सिंधु जल संधि का महत्व

सिंधु जल संधि, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, एक ऐतिहासिक जल बंटवारा समझौता है। इस संधि के तहत, पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों पर नियंत्रण दिया गया है, जबकि भारत को पूर्वी नदियों का अधिकार मिला है। यह संधि तब तक लागू रहेगी जब तक कि इसे विधिवत रूप से समाप्त नहीं किया जाता।


अंतरराष्ट्रीय कानून और महाशक्तियों की भूमिका

सिंधु जल संधि के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय कानून के कुछ प्रावधान भी प्रासंगिक हैं। वियना कन्वेंशन के अनुसार, किसी भी पक्ष को संधि के उल्लंघन के जवाब में इसे निलंबित करने का अधिकार है। इसके अलावा, महाशक्तियों जैसे अमेरिका, रूस और चीन ने भी अंतरराष्ट्रीय संधियों को अपने हितों के अनुसार तोड़ा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जब बात राष्ट्रीय हितों की आती है, तो वे वैश्विक संधियों को नजरअंदाज करने में संकोच नहीं करते।