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भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक, यूक्रेन ने किया बड़ा उलटफेर

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट में भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बताया गया है, जबकि यूक्रेन ने पहले स्थान पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की रूस पर निर्भरता में कमी आई है, और वह अब फ्रांस से अधिक हथियार खरीद रहा है। यूक्रेन का हथियार आयात में 9.7% हिस्सा है, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ा है। यूरोप में हथियारों का आयात भी 210% बढ़ा है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खास है।
 

वैश्विक हथियार व्यापार पर SIPRI की नई रिपोर्ट


स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने हाल ही में वैश्विक हथियार व्यापार पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 2021 से 2025 तक के आंकड़े शामिल हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है, जबकि यूक्रेन पहले स्थान पर पहुंच गया है। भारत की रूस पर निर्भरता में कमी आई है, जहां पहले 48% हथियार रूस से आते थे, अब यह आंकड़ा काफी घटकर कम हो गया है, और भारत अब फ्रांस से 24% हथियार खरीद रहा है। नई दिल्ली तेजी से पश्चिमी देशों की ओर बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान पूरी तरह से चीन पर निर्भर हो चुका है।


अमेरिका बना सबसे बड़ा हथियार निर्यातक

SIPRI की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना हुआ है। यूरोप में पिछले पांच वर्षों में हथियारों का आयात 210% बढ़ा है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने हथियार बाजार को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे यूक्रेन अब सबसे बड़ा आयातक बन गया है।


भारत की रूस पर निर्भरता में कमी

रिपोर्ट के अनुसार, 2021-2025 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात का 48% हिस्सा अब भी रूस से आ रहा है, लेकिन यह पहले की तुलना में काफी कम हो चुका है। भारत अब फ्रांस (24%) और अन्य पश्चिमी देशों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। फ्रांस इस अवधि में बड़े हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है और भारत इसका सबसे बड़ा ग्राहक बन चुका है।


यूक्रेन का हथियार आयात में शीर्ष स्थान

रिपोर्ट में यह उल्लेखनीय है कि यूक्रेन अब दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है, जिसका वैश्विक आयात में 9.7% हिस्सा है। 2016-2020 में यूक्रेन का हिस्सा केवल 0.1% था, लेकिन रूस के साथ युद्ध ने इसे हथियारों की सबसे बड़ी मंडी बना दिया है। भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका वैश्विक हथियारों का 42% हिस्सा निर्यात करता है।


यूरोप में हथियार आयात में वृद्धि

SIPRI की रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में यूरोप में हथियारों का आयात 210% बढ़ा है, जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य हलचल है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोपीय देशों में सुरक्षा का डर बढ़ गया है, जिसके चलते पोलैंड, जर्मनी और नॉर्वे जैसे देश अपनी जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा रक्षा पर खर्च कर रहे हैं। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन यूक्रेन के मुख्य सप्लायर बने हुए हैं।


पाकिस्तान की चीन पर निर्भरता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान अब अपने हथियारों के लिए पूरी तरह से चीन पर निर्भर हो चुका है, जहां 80% से अधिक सप्लाई चीन से आ रही है। यह स्थिति भारत के खिलाफ दो मोर्चे की युद्ध की चुनौती पैदा करती है। अमेरिका ने रूस के पुराने ग्राहकों को अपनी ओर खींच लिया है, जिससे वैश्विक हथियार बाजार में बड़ा बदलाव आया है।