भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई कूटनीतिक हलचल: क्या होगी प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा?
भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संवाद
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव के बावजूद, कूटनीतिक बातचीत और द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयास तेज हो गए हैं। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में वित्त एवं योजना मंत्री अमीर खसरू महमूद चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री सरदार मो. सखावत हुसैन से मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, इन चर्चाओं में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, विकास परियोजनाओं और जन-स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया।
अर्थशास्त्र का उपहार
वित्त मंत्री अमीर खसरू महमूद चौधरी के साथ बैठक में, उच्चायुक्त त्रिवेदी ने उन्हें कौटिल्य की 'अर्थशास्त्र' की एक प्रति भेंट की। भारतीय मिशन ने बताया कि ज्ञान सबसे बड़ा मित्र है और शिक्षित व्यक्ति को हर जगह सम्मान मिलता है। इस बैठक में भारत और बांग्लादेश के विकास योजनाओं और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कूटनीतिक हलचल के बीच प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा
यह महत्वपूर्ण वार्ता ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में उनकी भागीदारी पर बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि आपसी विश्वास के बिना इस यात्रा की संभावनाएं कम हैं।
ढाका की नाराजगी और भारत का रुख
ढाका की मुख्य चिंता पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मामले को लेकर है। बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने नवंबर 2025 में शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है, जिसके बाद ढाका लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इसके साथ ही, ढाका ने भारत में हसीना को राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया में बयान देने की अनुमति पर भी कड़ा विरोध जताया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसे मीडिया कार्यक्रमों में कोई भूमिका नहीं निभाता और ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करता। भारतीय पक्ष ने कहा कि हसीना को भारत वापस लाने की मांग पर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जा रहा है।