×

भारत में बुलेट ट्रेन और चंद्रयान-5 मिशन के लिए जापान के साथ सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के साथ भारत में बुलेट ट्रेन के विस्तार और चंद्रयान-5 मिशन के लिए सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत, भारत में 7000 किलोमीटर तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, अगले 10 वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन का निवेश भी किया जाएगा। जानें इस महत्वपूर्ण सहयोग के बारे में और कैसे यह भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।
 

भारत में बुलेट ट्रेन का विस्तार

नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के सहयोग से भारत में बुलेट ट्रेन के विस्तार की योजना की घोषणा की है। इसके साथ ही, चंद्रयान-5 मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के बीच सहयोग की भी पुष्टि की गई है।


इसरो और JAXA का सहयोग

इसरो और JAXA मिलकर करेंगे काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंद्रयान-5 मिशन के लिए इसरो और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के बीच सहयोग का स्वागत किया गया है। यह साझेदारी मानवता की प्रगति का प्रतीक बनेगी। टोक्यो में जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ वार्ता के बाद, मोदी ने इस सहयोग की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमने अगले दशक के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, और हमारी चर्चाएं उपयोगी रहीं।


बुलेट ट्रेन का नेटवर्क

भारत में 7000 किलोमीटर तक बुलेट ट्रेन का नेटवर्क
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भारत और जापान के बीच एक महत्वपूर्ण पहल है। उनका लक्ष्य है कि कुछ वर्षों में इस पर यात्री सेवाएं शुरू की जाएं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि देश में 7,000 किलोमीटर तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क बनाने का भी लक्ष्य है।


जापान से निवेश की योजना

10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन का निवेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-जापान सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने निवेश, नवाचार और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक 10-वर्षीय रोडमैप तैयार किया है।


रक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग

रक्षा से समुद्री सुरक्षा तक जापान का सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की सफलता की एक बड़ी कहानी है। दोनों देशों का हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और सुरक्षा में साझा हित है। हमारी साझेदारी तीनों सेनाओं तक फैली हुई है, और हम नियमित रूप से द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय अभ्यास करते हैं।