भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: पुतिन की ऐतिहासिक यात्रा
भारत की राजधानी में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का नया अध्याय
भारत की राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीतिक गतिविधियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बन गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली में तीन दिवसीय यात्रा शुरू की। उनके साथ एक उच्चस्तरीय व्यापारिक और राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पुतिन का स्वागत करते हुए कहा, '18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन का हार्दिक स्वागत है। केंद्रीय राज्य मंत्री के. वी. सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। भारत और रूस के बीच मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं, जो विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।' यह पहली बार होगा जब पुतिन यूक्रेन युद्ध के बाद किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे
भारत में शनिवार से शुरू हो रहे इस दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। नई दिल्ली का उद्देश्य है कि ब्रिक्स मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रभावी मंच बने।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और अमेरिका की व्यापार नीतियों के प्रभावों से जूझ रही है।
दुनिया के प्रमुख नेता एकत्रित
इस शिखर सम्मेलन में कई प्रमुख नेता भाग ले रहे हैं, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, और अन्य शामिल हैं।
पुतिन और मोदी के बीच विभिन्न मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होने की योजना है, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, और औषधि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का महत्व
यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन न केवल विकसित और विकासशील देशों के बीच शक्ति संतुलन को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि भारत की 'ग्लोबल साउथ' के नेता और मध्यस्थ के रूप में भूमिका को भी मजबूत करेगा।