भारत में मौसम का हाल: 2 जून को बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग का ताजा अपडेट
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 2 जून के लिए मौसम की नई जानकारी साझा की है। देश के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार, 01 जून 2026 को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुभव होगा। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडल के चक्रवात के कारण हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलेंगी और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत का मौसम
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश की संभावना है। इसके साथ ही धूल भरी आंधी और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, लेकिन बादल और बारिश से गर्मी में कुछ राहत मिलेगी।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी गरज के साथ बारिश की संभावना है। ओडिशा, झारखंड और बिहार में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश होगी। ओडिशा में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में 3 जून से हीट वेव की शुरुआत की आशंका है।
दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता
केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 2 जून को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। रायलसीमा, आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
मध्य और पश्चिम भारत का मौसम
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और गोवा में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिम मध्य प्रदेश में ओले गिरने की संभावना है। गुजरात और महाराष्ट्र में तेज हवाएं चलेंगी। तापमान में धीरे-धीरे कमी आएगी, लेकिन कुछ स्थानों पर उमस बनी रहेगी।
IMD की सलाह और चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 2 जून से मानसून की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा, लेकिन भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। लोगों से अनुरोध है कि गरज-चमक के दौरान घरों के अंदर रहें और खेतों में सावधानी बरतें। IMD स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यक अलर्ट जारी करता रहेगा।