भारत-रूस संबंधों में नई ऊंचाई: द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की प्रतिबद्धता
भारत और रूस की बढ़ती साझेदारी
भारत और रूस के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है। हाल ही में, रूस ने भारत को अपना विशेष और विश्वसनीय साझेदार मानते हुए द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाने का आश्वासन दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि दोनों देश व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं और भविष्य में इन संबंधों को और विस्तारित करने की योजना है।
पेस्कोव ने 12वें प्रीमाकोव रीडिंग्स अंतरराष्ट्रीय मंच में कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि द्विपक्षीय व्यापार में स्थिर वृद्धि देखी जा रही है।
भारत की वैश्विक स्थिति
दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। पेस्कोव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
पेस्कोव ने भारत को सबसे बड़े देशों में से एक बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की यात्रा की थी। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में, व्यापार लगभग 60 अरब डॉलर से अधिक है।
भारत की प्रगति और सहयोग के क्षेत्र
पेस्कोव ने भारत को तेजी से विकसित होने वाले देशों में से एक बताया और कहा कि आने वाले दिनों में भारत इसी गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में भारत ने आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा, रक्षा, फार्मास्यूटिकल, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।