भारत सरकार की ईरान यात्रा के लिए नई एडवाइजरी जारी
भारत सरकार ने ईरान में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए एक नई यात्रा सलाह जारी की है। इस सलाह में चार महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिसमें यात्रा स्थगित करने, अस्थायी निकासी, सावधानी बरतने और पंजीकरण की आवश्यकता शामिल है। ईरान में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, जिससे वहां रहना खतरनाक हो सकता है। जानें इस सलाह के पीछे की वजह और क्या करना चाहिए।
Jul 20, 2026, 12:15 IST
भारत सरकार की चेतावनी
भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा सलाह जारी की है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई अब केवल सीमित जवाबी हमलों तक नहीं रह गई है, बल्कि कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, तेहरान में भारतीय दूतावास ने संशोधित यात्रा सलाह जारी की है। इस सलाह में चार महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
यात्रा स्थगित करने की सलाह
पहला सुझाव यह है कि जो भारतीय नागरिक ईरान जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा को फिलहाल स्थगित कर देना चाहिए। जब तक वहां की सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक यात्रा न करें।
अस्थायी निकासी का सुझाव
दूसरी सलाह यह है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों का उपयोग करते हुए अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर विचार करें।
सावधानी बरतने की सलाह
तीसरे बिंदु पर, दूतावास ने कहा है कि जो भारतीय नागरिक ईरान में रहने का निर्णय लेते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। समाचारों पर नजर रखें और विशेष रूप से उन क्षेत्रों से दूर रहें जहां सैनिक गतिविधियां अधिक हैं।
पंजीकरण की आवश्यकता
चौथे बिंदु पर, भारतीय दूतावास ने कहा है कि जिन नागरिकों ने अभी तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए और दूतावास की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया पर जारी अपडेट्स पर ध्यान देना चाहिए। यह सलाह दी गई है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है।
संघर्ष की स्थिति
वास्तव में, हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अमेरिकी सेना ने लगातार नौ रातों से ईरान के विभिन्न राजनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है। वहीं, ईरान ने भी कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमले किए हैं। यह संघर्ष अब केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व में फैलता जा रहा है। ऐसे में किसी भी विदेशी नागरिक के लिए वहां रहना खतरनाक हो सकता है।