भारतीय पेशेवरों को बंधुआ मज़दूर कहने पर विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय की निंदा
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा H-1B वीज़ा धारकों को बंधुआ मज़दूर कहने की कड़ी आलोचना की। मंत्रालय ने इस शब्द को अत्यंत अपमानजनक करार दिया और कहा कि यह ऐतिहासिक और औपनिवेशिक दर्दनाक अनुभवों की याद दिलाता है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वेंस की टिप्पणियों में भारतीय पेशेवरों के योगदान को नजरअंदाज किया गया है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रतिभाओं की आवाजाही से दोनों देशों को लाभ होता है।
अमेरिकी इतिहास में अप्रवासियों का योगदान
बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका का विकास उन अप्रवासियों की पीढ़ियों के प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने मेहनत और नवाचार के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दिया। ऐसे अपमानजनक शब्दों का उपयोग करना, जो दर्दनाक ऐतिहासिक विरासत को उजागर करते हैं, अत्यंत अनुचित है।
यह बयान तब आया जब वेंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में H-1B वीज़ा धारकों को 'बंधुआ मज़दूर' कहा और विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर अमेरिकी श्रमिकों की वेतन में कमी का आरोप लगाया।
वेंस के आरोप
वेंस ने कहा, "यदि आप अमेरिका में H-1B वीज़ा पर कार्यरत हैं, तो आप अमेरिकी नागरिकों की तुलना में $20,000 कम कमा रहे हैं। यदि आपको किसी विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनी ने बुलाया है, तो आप अमेरिकी नागरिकों की तुलना में $48,000 कम कमा रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियां बंधुआ मज़दूरों को लाकर अमेरिकी श्रमिकों को नौकरी से निकाल रही हैं और इस प्रक्रिया में वेतन कम कर रही हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रोग्राम H-1B वीज़ा प्रोग्राम से अलग है।