भूटान के पीएम ने मोदी को बताया भगवान विष्णु का अवतार, जानें क्या कहा?
भूटान के प्रधानमंत्री की मोदी की प्रशंसा
नई दिल्ली: भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर तोबगे ने एक लेख में उनके नेतृत्व और भारत-भूटान संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनके लिए मोदी केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने स्नेह और सहयोग का रिश्ता स्थापित किया। लेख में उन्होंने 2019 में हुई मुलाकात को याद करते हुए मोदी को भगवान विष्णु का अवतार भी कहा।
2019 की महत्वपूर्ण मुलाकात
तोबगे ने बताया कि 27 जुलाई 2019 को उनकी दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात हुई थी। उस समय उनकी पार्टी भूटान के चुनाव में हार चुकी थी और वह न तो प्रधानमंत्री थे और न ही सांसद। उन्होंने उस मुलाकात में पीएम मोदी को अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
To Prime Minister @narendramodi, An avatar of our times https://t.co/84RDOEfELm
— Tshering Tobgay (@tsheringtobgay) October 7, 2026
तोबगे ने कहा कि उन्होंने मोदी से कहा कि वह उन्हें अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं। इसके बाद उन्होंने मोदी को विष्णु का अवतार कह दिया। उन्होंने लिखा कि बाद में वह खुद इस बात पर विचार करने लगे कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। हालांकि, विचार करने के बाद उन्हें लगा कि उनकी कही बात गलत नहीं थी।
मोदी के नेतृत्व की सराहना
भूटानी प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पीएम मोदी के लंबे कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस दौरान गुजरात में विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और योजनाओं को लागू करने के प्रयास देखे। बाद में उन्हें लगा कि इसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाया गया। तोबगे ने मोदी के सेवा भाव, अनुशासन और मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीयों में अपने देश और खुद पर विश्वास मजबूत हुआ है।
तोबगे ने भूटान की बौद्ध परंपरा के 'रिगसुम गोनपो' का भी उल्लेख किया, जिसमें ज्ञान, करुणा और साहस को महत्वपूर्ण गुण माना जाता है। उन्होंने कहा कि ये तीनों गुण पीएम मोदी के 'विकसित भारत' के विजन में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
भारत-भूटान संबंधों पर महत्वपूर्ण विचार
तोबगे ने भारत की पड़ोसी प्रथम नीति की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना था। उन्होंने दोनों देशों के रिश्ते को B4B यानी 'भारत भूटान के लिए, भूटान भारत के लिए' के भाव से जोड़ते हुए कहा कि यह रिश्ता आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित है। भारत सरकार के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंध विश्वास, सद्भाव और करीबी लोगों-से-लोगों के रिश्तों पर आधारित हैं।