मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव: अमेरिका ने सैनिकों को वापस बुलाने का लिया फैसला
मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुँच चुका है। ईरान की कड़ी चेतावनियों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की धमकियों के बीच, अमेरिका अपने प्रमुख ठिकानों से सैनिकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वापस बुलाने का निर्णय ले रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
ईरान की स्थिति
ईरान इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। पिछले दो हफ्तों से देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो सरकार को हिला कर रख दिए हैं। इसी दौरान, अमेरिका से लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ मिल रही हैं।
ईरान ने इन धमकियों का जवाब देते हुए पड़ोसी देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की को चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि यदि अमेरिका ने पहले हमला किया, तो वह इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी या कोई गलत कदम उठाया, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा। ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के लिए एक सीधी चुनौती मानी जा रही है। इसी बीच, अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को मध्य पूर्व के प्रमुख ठिकानों से वापस बुलाने का निर्णय लिया है, जो ईरान की धमकियों से उपजे डर को दर्शाता है।
ईरानी न्यायपालिका की प्रतिक्रिया
ईरान की न्याय व्यवस्था ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तेज कार्रवाई के संकेत दिए हैं। न्यायपालिका के प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने एक वीडियो बयान में कहा कि यदि कोई कार्रवाई करनी है, तो उसे तुरंत किया जाना चाहिए। देरी से इसका प्रभाव कम हो जाता है।
सरकारी टीवी पर साझा किए गए इस बयान को ट्रंप की चेतावनी का जवाब माना जा रहा है। ईरान ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों पर तेज सुनवाई और सख्त सजा की बात कही है, जिसमें फांसी भी शामिल हो सकती है।