मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर किया हवाई हमला
मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई कई मिसाइलें तकनीकी खराबी के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाईं या उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस स्थिति के जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरान के एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने पर हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई की जानकारी दी।
ईरान की मिसाइलों का असफल होना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट किश्म द्वीप पर स्थित एक ईरानी सैन्य स्टेशन पर किया गया, जहां एक जल-शोधन संयंत्र भी मौजूद है। अमेरिका के अनुसार, ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागी, लेकिन वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। कुवैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें रास्ते में ही विफल हो गईं, जबकि बहरीन की ओर दागी गई मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन की सेना ने मिलकर नष्ट कर दिया।
संघर्षविराम वार्ता में रुकावट
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध में संघर्षविराम बढ़ाने के लिए मध्यस्थों से बातचीत रोक दी है। ईरान की दो अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने मंगलवार को बताया कि ईरान समर्थित लेबनानी मिलिशिया हिजबुल्ला के साथ जारी लड़ाई के दौरान बेरूत पर बमबारी की इजराइल की धमकी के बाद तेहरान ने मध्यस्थों से बातचीत रोक दी।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि बातचीत लगातार जारी है और उन्होंने ईरान से समझौता करने का आग्रह किया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कांग्रेस के समक्ष सुनवाई के दौरान वार्ता के परमाणु पहलू को लेकर आशावादी रुख अपनाया, लेकिन चेतावनी दी कि एक ऐसा समझौता जो सभी के लिए स्वीकार्य हो, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
इस बीच, अमेरिकी सेना ने एक तेल टैंकर को रोकने के लिए मिसाइल दागी, जो अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश में रोका गया सातवां जहाज है।