मार्को रुबियो ने ट्रंप की 'नरक' टिप्पणी पर दी प्रतिक्रिया, भारत के प्रति उनके प्रेम की जताई पुष्टि
मार्को रुबियो की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादास्पद 'नरक' टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत को बहुत पसंद करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनकी गहरी प्रशंसा है। रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रपति को उनकी भारत में उपस्थिति की इच्छा नहीं होती, तो वह यहां नहीं होते।
भारत-अमेरिका संबंधों पर जोर
रुबियो ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ट्रंप भारत और अमेरिका के संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने भारत में एक ऐसे राजदूत को नियुक्त किया है जो राष्ट्रपति के करीबी हैं, जो दोनों देशों के बीच के संबंधों की गंभीरता को दर्शाता है।
'मैं यहां नहीं होता अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते'
रुबियो ने कहा, 'अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते कि मैं यहां रहूं, तो मैं यहां नहीं होता। उन्होंने सर्जियो (गोर) जैसे किसी व्यक्ति को राजदूत नहीं बनाया होता, जो राष्ट्रपति के बहुत करीबी हैं।'
उन्होंने बताया कि रविवार को हुई मीडिया ब्रीफिंग में पूछे गए सवाल को उन्होंने अलग संदर्भ में लिया था। रुबियो ने कहा कि उन्हें लगा था कि सवाल उन लोगों की राय से संबंधित है जो विवादास्पद बयान देते हैं।
बेवकूफी भरी बातें
रुबियो ने रविवार की ब्रीफिंग का जिक्र करते हुए कहा, 'हर जगह बेवकूफ लोग होते हैं जो बेवकूफी भरी बातें करते हैं।' हालांकि, बाद में अमेरिकी मीडिया ने उन्हें बताया कि सवाल ट्रंप की 'नरक' टिप्पणी से संबंधित था।
इसके बाद रुबियो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सवाल का अर्थ गलत समझा था और उनका बयान किसी अन्य संदर्भ में था।
पाकिस्तान का मुद्दा
रुबियो ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक में अमेरिका-ईरान युद्ध में पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता का मुद्दा नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा, 'भारत हमेशा इस बात की ओर इशारा करता रहा है कि पाकिस्तानी क्षेत्र से सशस्त्र आतंकवादी समूह सक्रिय हैं जो भारत को निशाना बनाते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन ईरान मामले में मध्यस्थता की भूमिका का जिक्र कभी नहीं हुआ। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने इस बारे में कोई शिकायत की। पाकिस्तान के साथ उनका मुद्दा अलग है।'
ईरान बातचीत पर रुबियो की टिप्पणी
ईरान के साथ चल रही बातचीत के संदर्भ में रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के मुद्दे पर 'काफी ठोस प्रस्ताव' सामने आया है और जल्द ही सकारात्मक खबर मिल सकती है।
उन्होंने कहा, 'वह कोई बुरा सौदा नहीं करेंगे, और राष्ट्रपति भी कोई बुरा समझौता नहीं करेंगे। देखते हैं क्या होता है। हम विकल्पों पर विचार करने से पहले कूटनीति को सफल होने का पूरा मौका देंगे।'