×

मिडल ईस्ट में तनाव: ईरान और इजराइल के नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग

मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है, जहां ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर के बीच तीखी जुबानी जंग चल रही है। खामेनेई ने इजराइल को 'कैंसर' बताया, जिसके जवाब में सा’आर ने मोजतबा को उनके पिता के अतीत की याद दिलाई। इस विवाद के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव भी जारी है, जिससे क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
 

मिडल ईस्ट में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से अपने चरम पर पहुंच गया है। युद्ध के मैदान में मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच, अब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। हाल ही में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इजराइल को 'कैंसर' करार दिया, जिसके जवाब में इजराइली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने मोजतबा को उनके पिता के अतीत की याद दिलाई।


सोशल मीडिया पर जुबानी जंग

X पर भिड़े दोनों देशों के नेता


ईरान पर अमेरिकी सेना के हालिया हमलों से नाराज मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इजराइल के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा, 'लड़खड़ाता हुआ जायोनी शासन और इजराइल नाम का कैंसर का ट्यूमर अपने घिनौने अस्तित्व के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है।'


अपने अगले पोस्ट में उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा, 'अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद अब इस्लामी दुनिया और दबे-कुचले लोगों का आम नारा बनेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए सुरक्षा ढाल का काम नहीं करेंगे।




इजराइल के विदेश मंत्री का जवाब

इजराइल के विदेश मंत्री ने क्या कहा


इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने मोजतबा को घेरते हुए लिखा, 'यह भाषा बहुत जानी-पहचानी लग रही है। मुझे याद है कि इसी तरह के सरनेम वाले एक व्यक्ति ने ठीक यही बात कही थी।' सा’आर ने तंज करते हुए पूछा, 'वैसे, आप आजकल कहां छिपे हैं?' उल्लेखनीय है कि मोजतबा ने अपने ट्वीट में 10 साल पहले अपने पिता द्वारा कही गई उस बात को भी दोहराया था जिसमें दावा किया गया था कि इजराइल अगले 25 साल का इतिहास नहीं देख पाएगा।


अमेरिका-ईरान का टकराव जारी

जमीन पर नहीं थम रहा अमेरिका-ईरान का टकराव


जहां एक ओर सीजफायर को बढ़ाने की बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। दक्षिण ईरान में अमेरिकी नौसेना ने आत्मरक्षा का हवाला देते हुए ईरानी नावों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने बड़ा दावा किया है।


अमेरिका पर गिराया MQ-9 रीपर ड्रोन


IRGC के अनुसार, उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इस सैन्य टकराव के बाद से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सभी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, क्योंकि मोजतबा खामेनेई पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अब यह पूरा इलाका अमेरिकी सेना के लिए सुरक्षित नहीं रहेगा।