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मिडिल ईस्ट में तनाव: अमेरिका और अन्य देशों ने जारी की एडवाइजरी

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते अमेरिका, ब्रिटेन, और अन्य देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता में निराशा व्यक्त की है, जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका ने यरूशलेम में गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को देश छोड़ने की अनुमति दी है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की स्थिति


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की चिंताओं के बीच अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, भारत और अन्य देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों के लिए सख्त यात्रा सलाह जारी की है। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता में निराशा व्यक्त की। ट्रंप का कड़ा रुख और सैन्य तैनाती ने पूरे क्षेत्र में चिंता को बढ़ा दिया है।


ट्रंप का कड़ा रुख

ट्रंप ने टेक्सास में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह वार्ता से संतुष्ट नहीं हैं और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ओमान जैसे मध्यस्थ देशों ने प्रगति की बात की है, लेकिन अमेरिकी पक्ष से निराशा के संकेत स्पष्ट हैं।


दूतावासों के खाली करने के निर्देश

अमेरिका ने यरूशलेम में गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को देश छोड़ने की अनुमति दी है। अमेरिका को चिंता है कि यदि ईरान पर हमला होता है तो इजरायल भी शामिल हो सकता है। भारत, ब्रिटेन, चीन, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और सिंगापुर ने भी अपने नागरिकों को मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों से निकलने की सलाह दी है।


सैन्य तैनाती और इजरायल पर प्रभाव

कूटनीति के दावों के बावजूद, अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है। USS जेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत क्षेत्र में तैनात है। कई एयरलाइंस ने तेल अवीव के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं।


वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

अमेरिकी हमलों की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें 3.2% बढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। ट्रंप ने तेल कीमतों की चिंता को दरकिनार करते हुए कहा कि उन्हें लोगों की जान और देश के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की अधिक परवाह है।