मिडिल ईस्ट में युद्ध: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव
मिडिल ईस्ट में युद्ध का विनाशकारी मोड़
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने एक गंभीर स्थिति को जन्म दिया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जिसे वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, पर नियंत्रण के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हमले तेज हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण पुलों और ऊर्जा स्थलों पर हमले किए हैं, जबकि ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की है। यह सैन्य गतिविधि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन चेतावनियों के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने तेहरान को इस जलमार्ग पर अपनी पकड़ कमजोर करने के लिए कहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करने के उद्देश्य से लगातार सात रातों तक हवाई हमले जारी रहे।
ईरान का जवाबी हमला
जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों, जैसे कतर और कुवैत पर मिसाइलें दागी हैं। कुवैत में, एक डीसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुँचा है। इस क्षेत्र में कई दिनों से हमले जारी हैं, और यह संघर्ष मुख्य रूप से जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के लिए हो रहा है। अस्थायी युद्धविराम के समाप्त होने के बाद, चार महीने से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध का कोई स्पष्ट अंत नहीं दिखाई दे रहा है।
हाल के हमलों में हताहत
ईरान के अधिकारियों ने हाल के अमेरिकी हमलों में कई लोगों के मारे जाने और सैकड़ों के घायल होने की सूचना दी है। शुक्रवार को भी नए हताहतों की खबर आई, जब अमेरिकी सेना ने अपने सैनिकों के घायल होने की बात स्वीकार की।
जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का संघर्ष
28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा युद्ध की शुरुआत के बाद, ईरान ने जलडमरूमध्य को शिपिंग ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया था। इससे तेल की कीमतों में तेजी आई और ईरान को बातचीत में बढ़त मिली। एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग ट्रैकर के अनुसार, शुक्रवार को तेल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो पिछले एक महीने में सबसे ऊँचा स्तर है।
ट्रंप का बयान
गुरुवार शाम को अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्ध अच्छी दिशा में चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा, "हम ईरान में बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं, और आप जल्द ही इसके परिणाम देखेंगे।"
ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले
ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने बताया कि अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत में पुलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान के प्रमुख बंदरगाह, बंदर अब्बास का संपर्क तोड़ना था।
चाबहार बंदरगाह पर हमला
सेंट्रल कमांड ने कहा कि हाल के हवाई हमलों में उसने कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक टावर गिर गया। यह बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है।