×

मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव

28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। यह विवाद दशकों पुराना है, जो ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम से जुड़ा है। जानें इस जंग के पीछे की कहानी और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएँ।
 

जंग की शुरुआत

28 फरवरी की सुबह मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह गल्फ वॉर का एक नया अध्याय है। अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान के साथ चल रहे टकराव ने इस क्षेत्र में युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। इससे पहले भी 1990-91 और 2003 में खाड़ी क्षेत्र में बड़े युद्ध हो चुके हैं। हाल ही में, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप तेहरान और अन्य शहरों में विस्फोट हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उस पर हमला किया गया, तो वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।


विवाद का कारण

यूएस और ईरान के बीच तनाव की जड़ें दशकों पुरानी हैं, जो 1979 के ईरान क्रांति के बाद से और गहरी हो गई हैं। वर्तमान में, विवाद का मुख्य कारण ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करे ताकि इज़राइल को कोई खतरा न हो। हालांकि, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का मानना है कि अमेरिका की शर्तें स्वीकार करना युद्ध से भी अधिक खतरनाक हो सकता है।


हमले की घटनाएँ

सुबह 9:27 बजे (06:27 जीएमटी) ईरान की समाचार एजेंसी फ़ार्स ने तेहरान में विस्फोटों की सूचना दी। अल जज़ीरा के संवाददाता ने बताया कि उन्होंने दो विस्फोटों की आवाज़ सुनी। ईरानी मीडिया ने खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा संगठन पर हमलों की पुष्टि की। कई मिसाइलें तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों में गिरीं, जिसमें सरकारी मंत्रालयों के पास के इलाके भी शामिल थे।


दक्षिणी शहर मिनाब में इजरायली हमले में एक प्राथमिक विद्यालय पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम 51 लोग मारे गए। इस्फ़हान शहर, जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का एक प्रमुख केंद्र है, पर भी हमले हुए।


ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें से अधिकांश को नाकाम कर दिया गया। इज़राइल ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और कई क्षेत्रों में आपातकाल घोषित किया है।


क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

कतर में एक रिहायशी क्षेत्र में मिसाइल के मलबे से धुआं उठता देखा गया। यूएई में मलबा गिरने से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।


जॉर्डन में भी मिसाइलों को रोका गया और जलता हुआ मलबा एक घर के पास गिरा।