मेक्सिको के खतरनाक ड्रग सरगना 'एल मेनचो' की मौत: जानें कैसे हुआ यह बड़ा ऑपरेशन
खतरनाक ड्रग सरगना की मौत
मेक्सिको का सबसे वांछित ड्रग तस्कर, नेमेसियो ओसेगुएरा, जिसे 'एल मेनचो' के नाम से जाना जाता है, एक बड़े सैन्य अभियान में मारा गया। इस पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम था। उसकी खोज में मिली जानकारी उसकी प्रेमिका से आई, जिसने अधिकारियों को उसकी लोकेशन बताई।
कार्टेल का प्रमुख और उसकी गतिविधियाँ
नेमेसियो ओसेगुएरा जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का नेता था, जो मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली आपराधिक संगठनों में से एक है। यह गिरोह सिनालोआ कार्टेल का मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहा है। अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। उस पर कोकीन, हेरोइन, मेथम्फेटामाइन और फेंटानिल की तस्करी के गंभीर आरोप थे।
प्रेमिका से मिली जानकारी
मेक्सिको के रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला के अनुसार, ओसेगुएरा की प्रेमिका से जुड़े एक व्यक्ति ने उसकी मौजूदगी की सूचना दी। बताया गया कि वह तापलपा के एक घर में छिपा हुआ था, जो आमतौर पर शांत माना जाता है। सूचना मिलते ही नेशनल गार्ड की स्पेशल इमीडिएट रिएक्शन फोर्स ने कार्रवाई की योजना बनाई।
भीषण मुठभेड़
जब विशेष बल उसे पकड़ने पहुंचे, तो स्थिति हिंसक हो गई। ओसेगुएरा और उसके सुरक्षाकर्मियों ने सैन्य हेलीकॉप्टर पर हमला किया। गोलीबारी इतनी तेज थी कि हेलीकॉप्टर को पास के सैन्य अड्डे पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। मुठभेड़ में ओसेगुएरा और उसके दो अंगरक्षक घायल हो गए।
देशभर में हिंसा और नुकसान
इस ऑपरेशन में भारी जान-माल का नुकसान हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, कुल 62 लोगों की मौत हुई, जिनमें नेशनल गार्ड के 25 जवान और गिरोह के 34 संदिग्ध सदस्य शामिल थे। कार्टेल के समर्थकों ने कई राज्यों में सड़कें जाम कर दीं और वाहनों में आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जलिस्को राज्य में 2,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए।
ओसेगुएरा का शव और भविष्य की चुनौतियाँ
ओसेगुएरा के शव को मेक्सिको सिटी ले जाकर अधिकारियों को सौंप दिया गया। उसकी मौत मेक्सिको के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उसके गिरोह की जड़ें गहरी हैं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियाँ बनी रहेंगी।