मेटा के खिलाफ अमेरिका में शुरू हुआ बड़ा ट्रायल, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मेटा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आगाज
अमेरिका के कैलिफोर्निया में, इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा के खिलाफ ट्रायल 18 अगस्त 2026 से शुरू हो गया है। 2023 में 33 अमेरिकी राज्यों ने मेटा के खिलाफ एक संघीय मुकदमा दायर किया था, जिसमें कुछ राज्यों ने अलग-अलग मुकदमे भी किए थे। अब 29 राज्यों से जुड़े मामले की सुनवाई चल रही है। आरोप है कि मेटा ने जानबूझकर फेसबुक और इंस्टाग्राम को इस तरह से डिजाइन किया है कि बच्चे और किशोर इन प्लेटफॉर्म का अत्यधिक उपयोग करने के आदी हो जाएं। इसके साथ ही, कंपनी ने इन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर लोगों को गुमराह किया है।
बच्चों के डेटा का अवैध संग्रहण
मेटा पर यह भी आरोप है कि उसने 13 साल से कम उम्र के बच्चों का निजी डेटा बिना माता-पिता की अनुमति के इकट्ठा किया, जो कि अमेरिका के चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट (COPPA) का उल्लंघन है। राज्यों का कहना है कि मेटा ने ऐसे फीचर्स विकसित किए हैं, जो बच्चों की नींद और पढ़ाई को प्रभावित करते हैं, मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, और ईटिंग डिसऑर्डर तथा बॉडी इमेज से जुड़ी समस्याओं को बढ़ाते हैं।
मेटा की जानकारी और ट्रायल की शुरुआत
यह मामला 2023 में तब सामने आया जब कई राज्यों ने मेटा पर मुकदमा दायर किया। एक जांच में यह पाया गया कि इंस्टाग्राम और फेसबुक का बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह जांच मेटा की पूर्व कर्मचारी फ्रांसेस हॉगेन के खुलासों के बाद शुरू हुई थी। हॉगेन ने 2021 में बताया था कि कंपनी को पता था कि उसके उत्पाद बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन मुनाफे के लालच में उसने कुछ नहीं किया।
मेटा केस की पूरी कहानी
- 2021 में मेटा की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के अंदर के गुप्त दस्तावेज लीक किए, जिससे पता चला कि मेटा को पहले से ही बच्चों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी थी।
- अक्टूबर 2023 में 33 अमेरिकी राज्यों ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया। कुछ राज्यों ने एक साथ मिलकर एक बड़ी संघीय अदालत में मामला दायर किया, जबकि अन्य ने अपने-अपने राज्यों में अलग से मुकदमे किए।
- मार्च 2026 में न्यू मेक्सिको में जूरी ने मेटा को दोषी ठहराते हुए $375 मिलियन का जुर्माना लगाया।
- 6 अगस्त 2026 को न्यू मेक्सिको के जज ने और सख्ती दिखाई, $567 मिलियन का अतिरिक्त जुर्माना लगाया, जिससे कुल जुर्माना $942 मिलियन हो गया।
- 12 अगस्त 2026 को मेटा ने केस को टालने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
- 18 अगस्त 2026 को ओकलैंड में बड़ा संघीय ट्रायल शुरू हुआ, जिसमें 29 राज्यों का मामला शामिल है।
मेटा का पक्ष
मेटा का कहना है कि उसने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं और उसने कभी भी झूठ नहीं बोला। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, राज्य यह साबित नहीं कर पाए हैं कि किसी को गुमराह किया गया है, और वे केवल पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। मेटा का कहना है कि जुर्माना 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकता है, जबकि राज्यों ने अभी तक स्पष्ट राशि नहीं बताई है, लेकिन पिछले हफ्ते संकेत दिया कि यह लगभग 200 अरब डॉलर हो सकती है।
राज्यों की मांगें
राज्यों की मांग केवल वित्तीय मुआवजे तक सीमित नहीं है; वे मेटा के ऐप्स में महत्वपूर्ण बदलाव भी चाहते हैं। उनकी मांग है कि बच्चों की उम्र की सख्त जांच और उम्र सत्यापन की प्रक्रिया लागू की जाए, ताकि छोटे बच्चे इन ऐप्स का उपयोग न कर सकें। इसके अलावा, बच्चों के डेटा के उपयोग पर सख्त सीमाएं लगाने और अवैध तरीके से इकट्ठा किए गए डेटा को हटाने की भी मांग की गई है।
राज्यों ने इनफिनिट स्क्रॉल और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स को बंद करने की मांग की है, क्योंकि ये बच्चों को बार-बार ऐप पर वापस खींचते हैं। वर्तमान में, एल्गोरिदम केवल यह देखता है कि लोग ऐप पर कितना समय बिताते हैं, जबकि बच्चों की भलाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। टीनएजर्स के लिए सख्त टाइम-लिमिट तय करने की भी आवश्यकता है।
मेटा केस हारने पर संभावित परिणाम
इस ट्रायल में जूरी का निर्णय अंतिम नहीं होगा। ओकलैंड में आठ सदस्यों वाली जूरी केवल सलाहकारी भूमिका में है। अंतिम कानूनी निर्णय जज यवोन गोंजालेज रोजर्स द्वारा लिया जाएगा। यदि मेटा इस मामले में हारती है, तो उसे बच्चों की सुरक्षा के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। इसमें बच्चों की उम्र की जांच, डेटा उपयोग पर रोक और इनफिनिट स्क्रॉल तथा नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स में बदलाव शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, मेटा पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।