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मेलानिया ट्रंप का जेफ्री एपस्टीन पर बड़ा बयान: आरोपों को बताया झूठा

मेलानिया ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में एक बयान में जेफ्री एपस्टीन से अपने संबंधों के आरोपों को सख्ती से खारिज किया। उन्होंने इन दावों को झूठा बताते हुए कानूनी कदम उठाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस से एपस्टीन मामले की पीड़ित महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुनवाई की मांग की। मेलानिया ने स्पष्ट किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से एपस्टीन के माध्यम से नहीं हुई थी और उन्होंने इस मामले में अपनी स्थिति को स्पष्ट किया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

मेलानिया ट्रंप का स्पष्ट खंडन


नई दिल्ली: अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने विवादास्पद फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से अपने संबंधों और उसके अपराधों की जानकारी होने के आरोपों को सख्ती से नकार दिया है। व्हाइट हाउस में दिए गए अपने बयान में उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से झूठा और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया।


मेलानिया ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्होंने इनका मुकाबला करने के लिए कानूनी कदम उठाए हैं। उनका यह बयान तब आया है जब एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज फिर से चर्चा में हैं।


आरोपों को झूठ और साजिश करार दिया

व्हाइट हाउस में अपने बयान के दौरान मेलानिया ने कहा, 'एपस्टीन जैसे बदनाम व्यक्ति से मुझे जोड़ने वाले झूठ अब समाप्त होने चाहिए। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे नैतिकता और सम्मान से दूर हैं।'


उन्होंने यह भी बताया कि उनके और उनके वकीलों ने इन आरोपों के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है।


बिना सवाल-जवाब के चली गईं

मेलानिया ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ग्रैंड फोयर में लगभग पांच मिनट तक अपना बयान पढ़ा और मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना वहां से चली गईं। उन्होंने कहा कि ये आरोप ऐसे लोगों द्वारा लगाए जा रहे हैं जिनका उद्देश्य राजनीतिक और आर्थिक लाभ उठाना है।


पीड़ितों के लिए सार्वजनिक सुनवाई की मांग

अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि एपस्टीन मामले की पीड़ित महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए। उन्होंने कहा, 'हर महिला को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपनी कहानी सार्वजनिक रूप से कह सके। तभी सच्चाई सामने आएगी।'


उनकी इस मांग को डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन भी मिला है, जहां सांसदों ने इस मुद्दे पर जल्द सुनवाई की बात कही है।


ट्रंप से मुलाकात पर दी सफाई

मेलानिया ने स्पष्ट किया कि जेफ्री एपस्टीन ने उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से नहीं कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात 1998 में न्यूयॉर्क की एक पार्टी में हुई थी।


उन्होंने यह भी कहा कि न तो वह एपस्टीन की दोस्त थीं और न ही उसकी करीबी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल की, हालांकि कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति रही थी।


ईमेल और तस्वीर पर दी प्रतिक्रिया

हाल ही में जारी दस्तावेजों में सामने आए 2002 के एक ईमेल और तस्वीर को लेकर भी मेलानिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मेरे द्वारा भेजा गया जवाब केवल एक सामान्य शिष्टाचार वाला मेल था। इससे ज्यादा इसका कोई मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।'


दस्तावेजों में एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया ट्रंप, जेफ्री एपस्टीन और मैक्सवेल एक साथ दिखाई देते हैं।


एपस्टीन केस फिर चर्चा में

यह ध्यान देने योग्य है कि जेफ्री एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप थे। 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई गई थी।


मेलानिया ट्रंप का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का न केवल खंडन कर रही हैं, बल्कि उन्हें कानूनी और सार्वजनिक मंच पर चुनौती देने के लिए भी तैयार हैं।