×

मॉस्को में भारतीय इंजीनियर की हिरासत: पत्नी ने मदद की गुहार लगाई

रूस की राजधानी मॉस्को में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, चंदन गुप्ता, को हिरासत में लिया गया है। उनकी पत्नी, स्नेहा गुप्ता, ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है। स्नेहा ने भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की है। इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और यह मामला तब सामने आया है जब भारतीय नागरिकों के रूस में भर्ती होने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
 

मॉस्को में भारतीय इंजीनियर की हिरासत

रूस की राजधानी मॉस्को से एक गंभीर मामला सामने आया है। कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी चंदन गुप्ता, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, को रविवार दोपहर मॉस्को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनकी पत्नी, स्नेहा गुप्ता, जो अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ वहां फंसी हुई हैं, ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा किया। उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाला जा सकता है। स्नेहा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।


पत्नी का आरोप: रूसी सेना में शामिल होने का दबाव

स्नेहा ने बताया कि उनके पति को रविवार को लगभग 12:30 बजे हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के साथ मॉस्को में फंसी हुई हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। स्नेहा ने यह भी कहा कि चंदन ने कोई गलत काम नहीं किया, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, हिरासत के बाद उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाला जा रहा है।


परिवार ने सरकार से मदद मांगी

स्नेहा ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती, जिससे वह यह नहीं समझ पा रही हैं कि उनके पति के साथ क्या हो रहा है। उन्होंने अपने वीडियो में लोगों से अपील की कि वे इसे अधिक से अधिक साझा करें और अधिकारियों से इस मामले पर ध्यान देने की मांग की।


अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

चंदन गुप्ता रूस में एक भारतीय कंपनी के लिए काम कर रहे हैं, जिसका मुख्यालय नोएडा में है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत से कोई बयान नहीं आया है। यह मामला तब सामने आया है जब भारतीय नागरिकों के रूस में भर्ती होने को लेकर पहले से ही चिंताएं जताई जा चुकी हैं।


रूसी सेना में भारतीय: क्या यह एक बढ़ता हुआ ट्रेंड है?

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, 202 भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था, जिनमें से कई मारे गए या लापता हैं। भारत सरकार ने कहा है कि कुछ लोगों को गुमराह किया गया और वे उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयासरत हैं।