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म्यांमा के सैन्य प्रमुख की रूस यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिश

म्यांमा के सैन्य प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने रूस की यात्रा की है, जहां वे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करना है। म्यांमा की सेना रूस निर्मित लड़ाकू विमानों का उपयोग करती है, जो जातीय अल्पसंख्यक समूहों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में हमलों के लिए है। जानें इस यात्रा के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभाव।
 

म्यांमा के सैन्य नेता की रूस यात्रा

म्यांमा की सैन्य सरकार के प्रमुख, जनरल मिन आंग ह्लाइंग, द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करने के लिए रूस की आधिकारिक यात्रा पर निकल पड़े हैं। सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है।


रिपोर्ट के अनुसार, मिन आंग ह्लाइंग सोमवार सुबह अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ नेपीतॉ से रूस के लिए रवाना हुए। उनकी योजना राष्ट्रपति पुतिन और अन्य प्रमुख रूसी अधिकारियों के साथ मुलाकात करने की है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।


रूस और चीन, म्यांमा के प्रमुख सहयोगी देश हैं, जो उसे हथियारों की आपूर्ति करते हैं। म्यांमा की सेना रूस निर्मित लड़ाकू विमानों का उपयोग उन क्षेत्रों में करती है, जो जातीय अल्पसंख्यक समूहों के नियंत्रण में हैं।


इन समूहों में से कई लोकतंत्र समर्थक विद्रोही बलों के साथ भी जुड़े हुए हैं। मिन आंग ह्लाइंग ने सितंबर में मास्को के वर्ल्ड एटॉमिक वीक फोरम के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। उल्लेखनीय है कि पुतिन ने कभी म्यांमा का दौरा नहीं किया है।