यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर हमला, पाकिस्तान ने की निंदा
हूती विद्रोहियों का हमला
यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में एक सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने जानकारी दी कि इस हमले का लक्ष्य शरूरह बेस पर स्थित हथियारों के डिपो और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर था।
पाकिस्तान का समर्थन
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। रविवार को उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब के प्रति एकजुटता व्यक्त की और रियाद को अपना पूरा समर्थन दोहराया। हालांकि, मक्का रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने अभी तक किसी भी सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया है।
शहबाज शरीफ की टिप्पणियाँ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस से गर्मजोशी से बातचीत की। उन्होंने हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के नागरिकों और आर्थिक ढांचे पर किए गए हमलों की निंदा की। शरीफ ने इन हमलों को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
यमन में स्थिति
यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में एक गंभीर संघर्ष शुरू किया है, जिसके तहत उन्होंने लाल सागर के किनारे के पूरे तट पर कब्जा कर लिया है। बाब अल-मंडेब का नियंत्रण भी उनके हाथ में है। इसके अलावा, ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक से सऊदी अरब पर ड्रोन हमले किए, जिससे सऊदी अरब की 1200 किमी लंबी तेल पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके परिणामस्वरूप, रियाद को अस्थायी रूप से पाइपलाइन बंद करनी पड़ी।