☰
×

यमन में हूती लड़ाकों की बढ़ती ताकत, अदन के करीब पहुंचे

यमन में हूती लड़ाकों ने अदन के करीब पहुंचकर सऊदी समर्थित सरकार के लिए खतरा बढ़ा दिया है। 2015 से यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण के बाद, हूती लड़ाकों ने अदन से केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। सऊदी अरब की बमबारी के बावजूद, हूती लड़ाकों ने ताईज़ पर कब्जा कर लिया है और अदन से जुड़ी महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग को काट दिया है। इस स्थिति ने सऊदी समर्थित बलों की कनेक्टिविटी पर गंभीर प्रभाव डाला है।
 

हूती लड़ाकों की अदन के निकटता

इस बीच, ट्रंप ईरान को चेतावनी देते रहे, जबकि यमन में ईरान समर्थित अंसारउल्लाह अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ते जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हूती लड़ाके सऊदी अरब समर्थित सरकार की राजधानी अदन से केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच गए हैं, और यह दूरी हर घंटे कम होती जा रही है। 2015 से जब अंसारउल्लाह ने यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण स्थापित किया, तब से सऊदी समर्थित सरकार ने अपना मुख्यालय अदन में स्थानांतरित कर दिया था। अब हूती लड़ाकों की इस नई प्रगति से सऊदी अरब की समर्थित यमन सरकार के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।


हूती लड़ाकों की ऐतिहासिक प्रगति

हूती लड़ाके अदन के इतने करीब पहले कभी नहीं पहुंचे थे। हालांकि, पहले भी कुछ लड़ाके अदन तक पहुंचने में सफल रहे थे, लेकिन बाद में सऊदी समर्थित बलों ने उन्हें खदेड़ दिया था। वर्तमान में, हूती लड़ाकों ने यमन में लगभग पूरी तरह से विजय प्राप्त कर ली है। सऊदी बमबारी के बीच यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में, यमन के ताईज़ शहर पर कब्जे के लिए सऊदी समर्थित बलों और हूती लड़ाकों के बीच एक लंबी लड़ाई हुई थी। इस दौरान, सऊदी ने 24 घंटे में 106 एयर स्ट्राइक की, लेकिन फिर भी अंसारउल्लाह ने ताईज़ पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया और अदन से जुड़ी महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग को काट दिया।


सऊदी बलों के लिए खतरा

ताईज़ पर नियंत्रण का मतलब है कि अदन और दक्षिण में मौजूद सऊदी समर्थित बलों की कनेक्टिविटी पर सीधा असर पड़ा है। ताईज़ का संबंध मोखा और लाल सागर के तट से है, इसलिए इसकी महत्वता केवल जमीनी लड़ाई तक सीमित नहीं है। ताईज़ और अदन की पहाड़ियों पर वर्षों से लड़ाई की ट्रेनिंग ले रहे सऊदी समर्थित गुटों के हमले के बीच, हूती लड़ाके आगे बढ़ते जा रहे हैं। सऊदी अरब के लड़ाकू विमान यमन में हूती नियंत्रित क्षेत्रों पर बमबारी कर रहे हैं, जबकि हूतियों ने भी सऊदी के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं।