यूएई में आतंकी हमले की साजिश करने वाले पायलट को मिल सकती है मौत की सजा
अमेरिकी संसद का सम्मान प्रस्ताव
अमेरिकी संसद ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मछार को आतंकी हमले को विफल करने के लिए बहादुरी से सम्मानित किया है। वहीं, दुबई से इजराइल जा रहे एक विमान को गिराने की कोशिश करने वाले जिहादी पायलट के बारे में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, उसके खतरनाक इरादे उजागर हो रहे हैं, जिससे दुनिया भर में गुस्सा बढ़ता जा रहा है और उसकी मौत की सजा की मांग की जा रही है। कट्टरपंथी पायलट अलमामी वर्तमान में यूएई की हिरासत में है।
यूएई की सख्त कार्रवाई
जबकि अन्य मुस्लिम देशों ने ओमानी पायलट को आतंकी कहने से बचने की कोशिश की, यूएई ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी आतंकवादी को उसके धर्म के आधार पर नहीं बचाएगा। यूएई ने फ्लाई दुबई विमान में हुई घटना को आधिकारिक रूप से एक गंभीर आतंकवादी कृत्य माना। सऊदी अरब ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन अब खबर है कि यूएई में उसे मौत की सजा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अलमामी ने बताया कि उसका इरादा विमान को वेन गुरियन एयरपोर्ट से टकराने का था। उसने इजराइल जाने वाली एयरलाइनों के बारे में जानकारी इकट्ठा की और फ्लाई दुबई में नौकरी पाने की कोशिश की। पूछताछ में उसने बताया कि पिछले आठ महीनों से उसका एक ही लक्ष्य था - इजराइल में बड़ा हमला करना।
मौत की सजा का तरीका
यूएई में मौत की सजा का तरीका फायरिंग स्क्वाड है, जहां आमतौर पर नौ लोग एक कमरे में दोषी को गोली मारते हैं। यहां फांसी या सार्वजनिक रूप से सजा नहीं दी जाती। मौत की सजा पर अमल से पहले अदालतों में अपील की प्रक्रिया पूरी की जाती है, और इसके बाद अमीरात के शासक या यूएई के राष्ट्रपति की लिखित मंजूरी आवश्यक होती है।