यूएई में भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास की एडवाइज़री, ईरान के हमलों के बाद सतर्कता बढ़ी
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने ईरान के हालिया मिसाइल हमलों के बाद भारतीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षा एडवाइज़री जारी की है। इस एडवाइज़री में गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है और नागरिकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में मिसाइल हमले किए हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और यूएई की रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया क्या है।
Feb 28, 2026, 18:24 IST
दूतावास की एडवाइज़री
भारतीय दूतावास ने शनिवार को अबू धाबी में भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की। यह एडवाइज़री ईरान द्वारा यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की राजधानी पर मिसाइल हमलों के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। दूतावास ने नागरिकों को गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी और कहा कि वह स्थिति पर लगातार नज़र रखेगा और आवश्यकतानुसार अपडेट प्रदान करेगा। एडवाइज़री में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और UAE अधिकारियों तथा दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर (800-46342 और +971543090571) भी प्रदान किए गए हैं।
ईरान के हमले और यूएई की प्रतिक्रिया
इससे पहले, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइल हमले किए। अबू धाबी में हुए हमलों में एक व्यक्ति की जान गई। ईरान ने दुबई को भी निशाना बनाया, जिसके चलते बुर्ज खलीफा को खाली कराया गया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वह सभी खतरों का सामना करने के लिए हाई अलर्ट पर है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यूएई की "सुरक्षा और स्थिरता" में बाधा डालने वाली हर चीज़ का सख्ती से मुकाबला किया जाएगा।
ईरान की चेतावनी
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने से इनकार किया। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले खतरनाक और कायरतापूर्ण हैं, जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ईरान ने भी अमेरिका और इज़राइल के हमलों की निंदा की है और बदले की कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान तब तक अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा जब तक वे हार नहीं जाते। अमेरिका और इज़राइल का आरोप है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार विकसित कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका न्यूक्लियर कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। दोनों देशों के बीच बातचीत भी चल रही थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई है।