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यूएई वायुसेना ने ईरानी ड्रोन को रोका, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा

संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने सोमवार को एक ईरानी ड्रोन को अपने जलक्षेत्र में रोक दिया। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच हाल की गोलीबारी के बीच हुई। ईरान ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली, जबकि यूएई ने ईरानी मीडिया के दावों का खंडन किया। अमेरिका द्वारा ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। ईरान ने आत्मरक्षा का अधिकार जताया है और कहा है कि वे आक्रमण का कड़ा जवाब देंगे। इस बीच, शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में प्रमुख वैश्विक नेता भी शामिल होंगे।
 

ईरानी ड्रोन का यूएई द्वारा नाकाम किया जाना

सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने अपने जलक्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन को रोकने की जानकारी दी। यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में फिर से गोलीबारी की घटनाएं हुईं।


रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि ईरान की ओर से आ रहे ड्रोन को 'निष्क्रिय' कर दिया गया। ईरान ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है और किसी नुकसान की सूचना भी नहीं है। बाद में, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरानी मिसाइलों ने दुबई के अल मेनहद एयर बेस को निशाना बनाया।


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी बलों ने रविवार को ईरान के एक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। इससे पिछले छह महीनों से चल रहे संघर्षविराम की स्थिति समाप्त हो गई और लड़ाई फिर से शुरू हो गई। ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।


ईरान का आत्मरक्षा का अधिकार

सोमवार की सुबह, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे 'वैध आत्मरक्षा के अपने अधिकार का उपयोग करने से नहीं हिचकेंगे और किसी भी सैन्य आक्रमण का निर्णायक जवाब देंगे।' ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन आक्रमण करने वालों को कड़ा जवाब देगा।


इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। पेजेशकियन का पुतिन से मुलाकात का कार्यक्रम भी है।