यूक्रेन और अमेरिका के बीच बढ़ती कड़वाहट: ट्रंप का जेलेंस्की को खारिज करना
यूक्रेन और अमेरिका के रिश्तों में तनाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच संबंधों में तनाव बढ़ता जा रहा है। जेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरानी 'शाहिद' ड्रोन को नष्ट करने में सहायता की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास इन ड्रोन को रोकने का महत्वपूर्ण अनुभव है, जिसे वे कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के साथ साझा करने के लिए अपनी टीमें भेज चुके हैं।
ट्रंप का जेलेंस्की के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया
14 मार्च को एनबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में, ट्रंप ने जेलेंस्की के प्रस्ताव को सीधे तौर पर अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें उनकी मदद की आवश्यकता नहीं है।' ट्रंप ने यह भी कहा कि जेलेंस्की उन लोगों में से एक हैं जिनसे वे मदद मांगना नहीं चाहेंगे। उन्होंने यह दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत ड्रोन तकनीक है और वे इसे संभालने में सक्षम हैं। इसके अलावा, ट्रंप ने जेलेंस्की की आलोचना करते हुए उन्हें 'डील करने में कठिन' व्यक्ति बताया।
ईरान की चेतावनी
जेलेंस्की की पेशकश पर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। एक ईरानी राजनेता ने चेतावनी दी है कि यदि यूक्रेन ने ईरानी ड्रोन के खिलाफ तकनीकी या विशेषज्ञ सहायता प्रदान की, तो पूरा यूक्रेन ईरान के लिए एक 'वैध सैन्य लक्ष्य' बन जाएगा। ईरान का आरोप है कि कीव प्रशासन इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल का समर्थन कर रहा है।
तेल संकट और ट्रंप का रूसी तेल पर निर्णय
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इस संकट का सामना करने के लिए, ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने कहा, 'मैं दुनिया के लिए तेल चाहता हूं।' हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही मिडिल ईस्ट का संकट समाप्त होगा, ये प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए जाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता खतरा
ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका, इजराइल और यूरोपीय देशों के जहाजों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करेंगे, उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, 10 मार्च को ईरान ने एक शर्त रखी कि वह केवल उन्हीं अरब या यूरोपीय देशों को रास्ता देगा, जो अपने यहां से अमेरिकी और इजराइली राजदूतों को बाहर निकाल देंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि दुनिया का 20% तेल इसी मार्ग से गुजरता है, जिसके बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।