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यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को में चुनाव के दौरान हड़कंप

रूस में चल रहे संसदीय चुनाव के अंतिम दिन, यूक्रेन ने 1600 से अधिक आत्मघाती ड्रोन दागे, जिससे मॉस्को में हड़कंप मच गया। इस हमले में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और दो लोगों की मौत हो गई। यह हमला पुतिन के नियंत्रण में हो रहे पहले 'युद्धकालीन चुनाव' के दौरान हुआ, जिसका उद्देश्य रूसी नागरिकों को युद्ध की वास्तविकता से अवगत कराना है। यूक्रेन की ड्रोन तकनीक में बढ़ती ताकत और बदलती रणनीतियों के बारे में जानें।
 

मॉस्को में ऐतिहासिक चुनाव के बीच यूक्रेन का हमला

मॉस्को: रूस में चल रहे ऐतिहासिक संसदीय चुनाव के अंतिम दिन, यूक्रेनी सेना ने एक विनाशकारी पलटवार किया है। यूक्रेन ने रात भर में रूस के विभिन्न क्षेत्रों पर 1600 से अधिक आत्मघाती ड्रोन दागे। इस हमले का मुख्य केंद्र राजधानी मॉस्को रहा, जहां आसमान से गिरते बमों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। मॉस्को के मेयर ने इसे रूसी राजधानी के इतिहास में सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया है।


तेल रिफाइनरी और आवासीय इमारतों पर हमला, दो की मौत

तेल रिफाइनरी और रिहायशी इमारतें निशाने पर, दो की मौत
यूक्रेनी ड्रोन हमले से मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और कई बहुमंजिला आवासीय इमारतों को गंभीर नुकसान हुआ है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव के अनुसार, इन हमलों में एक 74 वर्षीय बुजुर्ग और एक 44 वर्षीय महिला की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई क्षेत्रों में आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया। हालांकि, यूक्रेन की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


पुतिन के नियंत्रण में चुनाव पर सीधा हमला

पुतिन के नियंत्रण वाले पहले 'युद्धकालीन चुनाव' पर सीधा वार
यह हमला उस समय हुआ जब क्रेमलिन में संसदीय चुनाव का तीसरा और अंतिम दिन चल रहा था। यह चुनाव पूरी तरह से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके प्रशासन के नियंत्रण में हो रहा है, जिसे रूस का पहला 'युद्धकालीन चुनाव' कहा जा रहा है। इस चुनाव में विपक्षी आवाजों का पूरी तरह से अभाव है। यूक्रेन का उद्देश्य मतदान के दौरान रूसी नागरिकों को युद्ध की वास्तविकता से अवगत कराना और पुतिन सरकार पर युद्धविराम और शांति समझौते के लिए दबाव बनाना है।


यूक्रेन की ड्रोन युद्ध में बढ़ती ताकत

ड्रोन वॉरफेयर में यूक्रेन का दबदबा और बदली रणनीति
चार साल से अधिक समय से चल रहे इस संघर्ष में, यूक्रेन ने मिलिट्री ड्रोन तकनीक में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आया है। पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के मोर्चों पर जमीनी लड़ाई धीमी पड़ गई है, क्योंकि सीमा पर ड्रोन और आधुनिक जमीनी रोबोट सैनिकों की हर गतिविधि पर सटीक वार कर रहे हैं। आमने-सामने की लड़ाई में बढ़ते जोखिम को देखते हुए, दोनों देशों ने अपनी रणनीतियों में बदलाव किया है। कीव और मॉस्को अब लंबी दूरी की मिसाइलों और स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर रहे हैं।