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यूक्रेन के राष्ट्रपति Zelensky का भारत और चीन पर कच्चे तेल की खरीद को लेकर हमला

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भारत और चीन पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि ये देश तेल खरीदना बंद कर दें, तो रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अमेरिका में एक नए कानून का समर्थन करते हुए, जेलेंस्की ने कहा कि इससे शांति की संभावना बढ़ेगी। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों के अनुसार ही तेल खरीदेगा। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

यूक्रेन के राष्ट्रपति का बयान


नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए फिर से निशाना साधा है। उनका कहना है कि रूस की अर्थव्यवस्था इन देशों द्वारा खरीदे जा रहे तेल पर निर्भर है, और यदि ये देश तेल खरीदना बंद कर दें, तो रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


जेलेंस्की का युद्ध समाप्त करने का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए अमेरिका पहुंचे जेलेंस्की ने वाशिंगटन जर्नल को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यह लंबे समय से चल रहा युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। उन्होंने बताया कि रूस की अर्थव्यवस्था भारत, चीन और कुछ हद तक तुर्की पर निर्भर है। यदि ये देश रूस से ऊर्जा खरीदना बंद कर दें, तो युद्ध अपने आप खत्म हो जाएगा। तुर्की भी रूसी तेल का एक बड़ा खरीदार है, लेकिन काला सागर में हमलों के कारण उसकी सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है।


अमेरिका के नए कानून का समर्थन

जेलेंस्की ने अमेरिका के नए कानून का भी स्वागत किया है। अमेरिका में लिंडसे ग्राहम द्वारा पेश किया गया बिल अब पास हो चुका है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर किए हैं। इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार मिलेगा कि वह रूस और ईरान से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकें। जेलेंस्की ने इसके लिए अमेरिकी संसद और राष्ट्रपति का धन्यवाद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह एक सही कदम है और इससे शांति की संभावना बढ़ेगी।


भारत का रुख

अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद, भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देश अभी भी रूस से तेल खरीद रहे हैं। भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों के हितों के अनुसार ही तेल खरीदेगा और बाजार के दामों पर निर्णय लेगा। यह भी बताया जा रहा है कि जेलेंस्की अमेरिका पहुंचे हैं, जब कुछ दिन पहले ही यूक्रेन ने रूस की रिफाइनरियों और राजधानी मॉस्को पर बड़ा हमला किया था, जिसे युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।