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यूक्रेन के सुरक्षा सचिव का भारत दौरा: द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

यूक्रेन के सुरक्षा सचिव रस्टम ओमेरो ने भारत का दौरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। यह दौरा हाल ही में हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में हुआ, जिसमें छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल थे। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों और युद्ध की स्थिति पर चर्चा की गई। जानें इस दौरे के पीछे की कहानी और क्या हैं इसके संभावित परिणाम।
 

यूक्रेनी सुरक्षा सचिव का भारत दौरा

भारत में हाल ही में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलस्की के करीबी सहयोगी और सुरक्षा परिषद के सचिव रस्टम ओमेरो ने भारत का दौरा किया। उन्होंने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ विस्तृत वार्ता की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और कानूनी तनाव बढ़ गया है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का मुख्य संदर्भ पिछले महीने मिजोरम में हुई गिरफ्तारी की घटना है, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने इन नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने आरोप लगाया है कि ये लोग भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन उनका असली उद्देश्य म्यांमार के विद्रोही समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देना और हथियारों की आपूर्ति करना था।


यूक्रेन की प्रतिक्रिया और भारत की स्थिति

यूक्रेन ने इस गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, और एक प्रोटेस्ट नोट जारी कर अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि सीमाओं की अस्पष्टता के कारण अनजाने में सीमा पार की गई होगी। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच उमेरो का भारत आना कई सवाल उठाता है। हालांकि, डोबाल और उमेरो की मुलाकात का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय संबंधों और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने इस मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और बताया कि दोनों पक्षों ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। डोबाल ने फिर से स्पष्ट किया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन यह शांति संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।


मुलाकात के बाद की चर्चा

मुलाकात के बाद, यूक्रेन के उमेरोव ने कहा कि उन्होंने डोबाल को जमीनी हालात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत की समझ की सराहना करते हुए कहा कि वह समाधान खोजने की साझा समझ के लिए आभारी हैं। हालांकि, यह माना जा रहा है कि बंद कमरों में फंसे यूक्रेनी नागरिकों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई होगी, लेकिन भारत ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उमेरोव ने विदेश मंत्री जयशंकर से भी अलग से मुलाकात की, जहां चर्चा का केंद्र अगस्त 204 में पीएम मोदी की कीव यात्रा के दौरान हुए समझौतों पर रहा। यूक्रेन चाहता है कि भारत उन समझौतों को तेजी से लागू करे और शांति बहाली में अपनी भूमिका निभाए। हालांकि, यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के बारे में कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उमेरोव की यात्रा को इस संदर्भ में देखा जा रहा है।