यूक्रेन पर रूस का सबसे बड़ा हवाई हमला: 1900 ड्रोन और 1600 बमों की बौछार
रूस का विनाशकारी हवाई हमला
नई दिल्ली: रूस ने हाल ही में यूक्रेन पर एक अभूतपूर्व हवाई हमला किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में 16 क्षेत्रों को लक्ष्य बनाते हुए लगभग 1900 ड्रोन, 1600 हवाई बम और 144 प्रकार की मिसाइलें दागी गईं, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। इस हमले के परिणामस्वरूप 1500 से अधिक स्थानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें कई आवासीय इमारतें भी शामिल हैं।
सबसे अधिक प्रभावित शहर
सुमी, ब्रोवरी, खारकीव, ओडेसा, जापोरिज्ज्या, द्निप्रो और ल्वीव जैसे शहर इस हमले से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। ल्वीव से प्राप्त वीडियो में एक पूरा अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स मलबे में तब्दील होता हुआ दिखाई दे रहा है। आपातकालीन सेवाएं रातभर मलबा हटाने और आग बुझाने में जुटी रहीं।
ब्रोवरी में ड्रोन हमले के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए। खारकीव पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हमलों का शिकार बना हुआ है। ओडेसा, जापोरिज्ज्या और द्निप्रो में भी रातभर धमाके होते रहे। सुमी में बमबारी के कारण सैकड़ों घर नष्ट हो गए हैं, जिससे हजारों परिवार बेघर या असुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली की कमजोरी
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली अधिकांश ड्रोन को रोकने में सक्षम है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ यह कमजोर साबित हो रही है। ये मिसाइलें अत्यधिक तेज होती हैं और इन्हें रोकना कठिन है, जिसके कारण नागरिक क्षेत्रों में अधिक नुकसान हो रहा है।
रूस की रणनीति स्पष्ट है - बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलें एक साथ दागकर यूक्रेन की एयर डिफेंस को ओवरलोड करना। इस युद्ध के चलते बिजली, पानी और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी और कठिन हो गई है।
जेलेंस्की की अपील
जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से तत्काल एयर डिफेंस सिस्टम और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें भेजने की मांग की। उन्होंने कहा, "ये हथियार गोदामों में धूल खाने के लिए नहीं हैं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए उपयोग होने चाहिए।"
उन्होंने रूस के रक्षा उद्योग पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। जेलेंस्की के अनुसार, कई रूसी कंपनियां अब भी ड्रोन, मिसाइल और गाइडेड बम के पुर्जे बना रही हैं, लेकिन उन पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है। यूक्रेन का विदेश मंत्रालय भी लगातार द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत कर रहा है ताकि हथियारों की आपूर्ति में कोई रुकावट न आए।
भविष्य की चुनौतियाँ
रूस अपनी हमलावर क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है, जबकि यूक्रेन रक्षात्मक स्थिति में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर एयर डिफेंस नहीं मिला, तो नागरिकों को और अधिक नुकसान होगा।
जेलेंस्की ने कहा कि बिना सुरक्षा के शांति की बात करना बेमानी है। अब युद्ध केवल जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में भी निर्णायक हो गया है। यूक्रेन को अपने लोगों की रक्षा के लिए सहयोगियों के समर्थन की सख्त आवश्यकता है।