यूक्रेन संकट पर यूरोपीय नेताओं की आपात बैठक, ब्रिटेन ने की पहल
यूक्रेन और अमेरिका के बीच तनाव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए विवाद ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। इस विवाद ने विशेष रूप से यूरोपीय नेताओं को चिंतित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटेन ने एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका को मनाना और यूक्रेन में स्थायी शांति की दिशा में कदम उठाना था।
इस बैठक में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी शामिल हुईं, जिनकी ब्रिटेन में आगमन की तस्वीरें भी सामने आईं। जॉर्जिया मेलोनी का हर दौरा खास होता है, और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री द्वारा उनका स्वागत भी चर्चा का विषय बना।
बैठक में चर्चा के मुद्दे
जब जॉर्जिया मेलोनी बैठक में पहुंचीं, तो पत्रकारों ने उनसे ट्रंप और जेलेंस्की के बीच के विवाद के बारे में सवाल किए। यूरोपीय नेताओं की चिंता इस बात को लेकर है कि यूक्रेन में स्थायी शांति कैसे स्थापित की जाए। रूस के प्रति यूरोपीय नेताओं का दृष्टिकोण अमेरिका से भिन्न है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने एक योजना बनाई, जिसके तहत यूरोपीय नेताओं की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन को स्थायी शांति दिलाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था। बैठक के बाद, यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के समक्ष रखा जाएगा।
मेलोनी का दृष्टिकोण
मेलोनी ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड में किसी भी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं किया जाएगा और यह नाटो पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को सहयोग और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति और आर्थिक महत्व को देखते हुए, यह केवल बर्फ से ढका एक द्वीप नहीं है।